राजगढ़: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर सिरमौर जिला के राजगढ़ में राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कारों से सम्मानित प्रसिद्ध संगीत गुरु पंडित डॉ. कृष्ण लाल सहगल के सम्मान में उनके समर्पित शिष्यों द्वारा एक विशेष अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस भावुक और गरिमामयी समारोह के दौरान शिष्यों ने मनमोहक संगीत प्रस्तुतियां देकर अपने गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता प्रकट की।

कार्यक्रम के दौरान शिष्यों ने अपने गुरु के साथ बिताए संस्मरणों को साझा करते हुए संगीत के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान और विद्यार्थियों को दी गई अमूल्य शिक्षा व संस्कारों को याद किया। संगीत की इन सुंदर प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एक सच्चा गुरु केवल किताबी या कलात्मक शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थी के जीवन को सही दिशा दिखाने वाला मार्गदर्शक भी होता है।
समारोह में उपस्थित गणमान्य वक्ताओं ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए कहा कि अपने गुरुओं का सम्मान करना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का मूल हिस्सा है। उन्होंने रेखांकित किया कि डॉ. सहगल ने लंबे समय तक संगीत साधना करते हुए न केवल अनेक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया, बल्कि उन्हें संगीत की बारीकियों के साथ-साथ जीवन में अनुशासन, अच्छे संस्कार और पूर्ण समर्पण की प्रेरणा भी दी।
इस विशेष समारोह में बी.आर. चौहान, रविंद्र सहगल, डॉ. सविता सहगल, प्रेम पाल आर्य और जय प्रकाश चौहान सहित राजगढ़ क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग, स्थानीय निवासी और बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने शिष्यों द्वारा अपने गुरु के प्रति व्यक्त किए गए इस अनूठे सम्मान की खुलकर सराहना की।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित यह पूरा समारोह गुरु और शिष्यों के बीच के अटूट और आत्मीय संबंधों का एक जीवंत प्रतीक बन गया, जहां संगीत की धुनों और सम्मान के इस संगम ने पूरे परिसर का माहौल अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया।