सोलन: रोटरी विजुअली इम्पेयर्ड कार रैली शनिवार को ऐतिहासिक द लॉरेंस स्कूल, सनावर पहुंची, जहां स्कूली छात्रों ने सभी प्रतिभागियों का अत्यंत गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान छात्रों ने दृष्टिबाधित नेविगेटर्स से विशेष बातचीत की और उनके जीवन के अनुभवों, असाधारण उपलब्धियों तथा संघर्ष के सफर के बारे में करीब से जाना।
रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक द्वारा द लॉरेंस स्कूल, सनावर के सहयोग से आयोजित इस अनूठी रैली का मुख्य उद्देश्य समाज में दृष्टिबाधित लोगों के आत्मविश्वास, स्वावलंबन और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देना था। इसके साथ ही, इस आयोजन के माध्यम से विश्व प्रसिद्ध भारतीय रैली चालक और ओल्ड सनावरियन (स्कूल के पूर्व छात्र) दिवंगत हरि सिंह की यादों और उनकी विरासत को भी सम्मानित किया गया।

चंडीगढ़ से शुरू होकर सनावर पहुंची रैली
इस प्रेरणादायक रैली को दिवंगत हरि सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती सिमरन कौर ने चंडीगढ़ क्लब, सेक्टर-1 से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बाद यह रैली चंडीगढ़ और पंचकूला से होते हुए कालका-शिमला नेशनल हाईवे के रास्ते अपने गंतव्य यानी सनावर पहुंची। ‘टाइम-स्पीड-डिस्टेंस’ (Time-Speed-Distance) के रोमांचक फॉर्मेट में आयोजित इस रैली में लगभग 45 प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि प्रत्येक कार में एक दृष्टिबाधित नेविगेटर, एक चालक और एक सहायक शामिल था।
छात्रों के साथ संवाद और ब्रेल तकनीक पर चर्चा
सनावर पहुंचने पर दृष्टिबाधित नेविगेटर्स ने द लॉरेंस स्कूल के विद्यार्थियों के साथ खुलकर संवाद किया और अपने व्यक्तिगत अनुभव, उपलब्धियां तथा जीवन की चुनौतियों को साझा किया। इस बातचीत के दौरान ब्रेल लिपि, आधुनिक सहायक तकनीक, सुगम्यता (Accessibility) तथा दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा की गतिविधियों में पूरी तरह स्वतंत्र रूप से भाग लेने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे गंभीर एवं महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
वक्ताओं के विचार
इस अवसर पर द लॉरेंस स्कूल, सनावर की हेडमास्टर रुचि प्रधान दत्ता ने कहा कि स्कूल के लिए ऐसे प्रेरणादायी प्रतिभागियों का स्वागत करना और इस विशेष पहल के समापन चरण की मेजबानी करना बेहद गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह रैली केवल मोटरस्पोर्ट का रोमांच ही नहीं, बल्कि समाज में समावेश (Inclusion) का एक बहुत मजबूत संदेश भी लेकर आई है। उन्होंने आगे कहा, “दिवंगत हरि सिंह का सनावर से एक बेहद खास और गहरा जुड़ाव था। वे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय रैली जगत के एक बेहद प्रसिद्ध नाम होने के साथ-साथ हमारे इस स्कूल के पूर्व छात्र भी थे। मोटरस्पोर्ट के प्रति उनका जुनून और सनावर से उनका यह पुराना नाता इस आयोजन के लिए हमारे स्कूल को एक सबसे उपयुक्त गंतव्य बनाता है। इन दृष्टिबाधित प्रतिभागियों को उनके अटूट आत्मविश्वास, स्वावलंबन और अपनी बेहतरीन नेविगेशन क्षमता का प्रदर्शन करते हुए देखना हम सभी के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा है।”
रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3080 की जोन 8 की असिस्टेंट गवर्नर मंजीत कौर ने इस मौके पर कहा कि इस रैली ने समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि सही अवसर और पूरा सहयोग मिले, तो दृष्टिबाधित लोग भी किसी से पीछे नहीं हैं और वे हर चुनौतीपूर्ण भूमिका को पूरी क्षमता के साथ निभा सकते हैं। पूरी रैली के दौरान इन दृष्टिबाधित नेविगेटर्स ने बेहद सक्रिय भूमिका निभाई और ब्रेल आधारित रूट की जानकारी व मार्ग निर्देशों का सटीक इस्तेमाल कर अपने ड्राइवरों को सही रास्ते पर आगे बढ़ाया।
मानवीय क्षमता और आत्मविश्वास का प्रतीक
आयोजकों ने अंत में कहा कि यह पहल केवल एक सामान्य कार रैली भर नहीं थी, बल्कि यह दृष्टिबाधित लोगों को लेकर समाज में बनी पारंपरिक और दबी हुई धारणाओं को बदलने तथा मानवीय क्षमता व दृढ़ आत्मविश्वास को दुनिया के सामने लाने का एक सार्थक प्रयास था। इसके साथ ही, इस आयोजन के जरिए दिवंगत हरि सिंह के मोटरस्पोर्ट के प्रति अटूट जुनून और उनकी महान विरासत को भी ससम्मान याद किया गया।