शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नशे के काले कारोबार से करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले तस्करों को अब अपनी पाई-पाई का हिसाब देना होगा। उन्होंने कहा कि नशा बेचकर प्रदेश में आलीशान कोठियां, होटल और दुकानें बनाई गई हैं तथा भारी मात्रा में जमीन और महंगी गाड़ियां खरीदी गई हैं। यह सारा पैसा और संपत्ति असल में उन गरीब परिवारों की है जिनके मासूम बच्चों को नशे के इस दलदल में फंसाया गया है।

नूरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई पर बधाई
मुख्यमंत्री ने नशा तस्करों के खिलाफ अत्यंत प्रभावी कार्रवाई करते हुए लगभग 3.27 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के लिए नूरपुर पुलिस की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नशा माफिया के खिलाफ एक निर्णायक जंग छेड़ी गई है और तस्करी से बनाई गई हर अवैध संपत्ति को जब्त किया जाएगा। तस्करों की कमाई का एक-एक रुपया अब जनता का होगा। नूरपुर में जिन संपत्तियों को जब्त किया गया है, उनमें आलीशान कोठी, बहुमूल्य भूमि, होटल, दुकानें, वाहन और बैंक खाते शामिल हैं। यह कार्रवाई ड्रग माफिया के लिए एक कड़ा संदेश है कि देवभूमि हिमाचल में उनके लिए कोई स्थान नहीं है।
नेटवर्क और आर्थिक व्यवस्था को ध्वस्त करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने दोटूक कहा कि राज्य सरकार की कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का मुख्य लक्ष्य नशे के पूरे नेटवर्क, उसकी आर्थिक रीढ़ और अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है। पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस दिशा में पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है और सरकार द्वारा उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।
आंकड़ों साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस जिला नूरपुर में अब तक 17 मामलों में 29.95 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, जो नशा माफिया के विरुद्ध सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और पुलिस की दृढ़ प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। उन्होंने दोहराया कि हिमाचल देवभूमि है और इसे नशे की गिरफ्त में धकेलने के किसी भी नापाक प्रयास को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा। युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए यह कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पीआईटी-एनडीपीएस कानून और पंचायत स्तर पर मैपिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के तुरंत बाद पीआईटी-एनडीपीएस (PIT-NDPS) कानून को सख्ती से लागू किया गया, जिससे आदतन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हुई है और उन्हें सलाखों के पीछे भेजा गया है। इसके अलावा, राज्यभर में पंचायत स्तर तक नशा माफिया की मैपिंग की जा रही है और उनके पूरे नेटवर्क को लगातार तोड़ा जा रहा है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने आम जनता से भी पुरजोर अपील की है कि वे सतर्क रहें और नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत पुलिस के साथ साझा करें, ताकि समाज को इस गंभीर सामाजिक कोढ़ से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।