नाहन : उपमंडल की ग्राम पंचायत विक्रम बाग के मंडेरवा गांव में पिछले एक महीने से पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल नाहन स्थित डीसी कार्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने उपायुक्त सिरमौर और स्थानीय विधायक से मुलाकात की। इसके साथ ही ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता और एसडीओ के समक्ष भी अपनी समस्या रखी।
गांव के करीब 200 परिवार पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप्प होने से प्रभावित हैं और दूषित पानी छानकर पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल की यह समस्या पिछले दो-तीन वर्षों से बनी हुई है, लेकिन बीते एक महीने से आपूर्ति पूरी तरह बंद पड़ी है। गांव में कोई अन्य प्राकृतिक जल स्रोत या हैंडपंप न होने के कारण लोगों को दैनिक जरूरतों और पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में नदी के आसपास जलभराव होने से प्राकृतिक चश्मों तक पहुंचना नामुमकिन हो जाता है। ऐसे में लोग मार्कंडेय नदी के किनारे गड्ढे खोदकर मटमैला पानी निकालते हैं और उसे कपड़े से छानकर इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आज के डिजिटल और आधुनिक दौर में भी वे 50 साल पीछे जैसी स्थिति में जीने को विवश हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य जल आपूर्ति पाइपलाइन खराब होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मुलाकात के दौरान स्थानीय विधायक और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द से जल्द नई पाइपलाइन बिछाकर पेयजल आपूर्ति बहाल करने का ठोस आश्वासन दिया है। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।