शिमला IGMC में स्थापित होगा समर्पित शोध विभाग, CM ने सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश

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By Hills Post

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में एक समर्पित शोध विभाग स्थापित किया जाएगा, जिसके मॉडल को बाद में राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने एमआरआई, सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं मरीजों को बिना किसी प्रतीक्षा अवधि के तत्काल उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (चमियाना), आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में आधुनिक स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इन लैब्स के शुरू होने से मरीज के केवल एक रक्त नमूने से एक साथ कई प्रकार के टेस्ट किए जा सकेंगे, और इन मशीनों की खरीद के लिए निविदाएं भी जारी कर दी गई हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए राज्य सरकार ने कई अन्य कदम उठाने का निर्णय लिया है। दवाइयों की उच्च गुणवत्ता और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब सीधे दवा निर्माण कंपनियों से दवाइयाँ खरीदने पर विचार कर रही है। साथ ही डॉक्टरों, चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए कार्यस्थल पर बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे शीघ्र ही राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों का दौरा कर डॉक्टरों और शिक्षकों से सीधा संवाद करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और प्रदेशवासियों को राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस बैठक में विधायक कुलदीप राठौर, हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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