सोलन: शूलिनी ऑटो यूनियन, सोलन द्वारा 31वें वार्षिक विशाल माता जागरण एवं भंडारे का भव्य आयोजन बेहद श्रद्धा, अटूट आस्था और अभूतपूर्व उत्साह के साथ किया गया। इस धार्मिक समागम में सोलन शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर मां भगवती का पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। शनिवार रात भर चले इस जागरण में भक्ति की ऐसी अविरल धारा बही कि माता रानी के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण पूरी तरह से गुंजायमान और भक्तिमय हो उठा।

धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी धाम से लाई गई माता की पवित्र अखंड ज्योति की स्थापना के साथ हुआ। जैसे ही माता की पावन ज्योति सोलन बाईपास क्षेत्र में पहुंची, वहां मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और जय माता दी के उद्घोष के साथ उसका भव्य स्वागत किया। इसके उपरांत, आचार्यों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोचार के बाद विशाल माता जागरण की शुरुआत की गई।
इस वर्ष जागरण की मुख्य विशेषता प्रसिद्ध टीवी कलाकार एवं विख्यात भजन गायक हर्ष सिकंदर की गरिमामयी प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी जादुई और मधुर आवाज से श्रद्धालुओं को पूरी रात बांधे रखा। मां भगवती की महिमा का गुणगान करते हुए उन्होंने एक से बढ़कर एक लोकप्रिय भजन प्रस्तुत किए, जिन पर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु खुद को झूमने से नहीं रोक पाए।
शूलिनी ऑटो यूनियन, सोलन के प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी यूनियन पिछले 31 वर्षों से लगातार इस विशाल माता जागरण और भंडारे की परंपरा को निभाती आ रही है। उन्होंने कहा कि यह वार्षिक आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सोलन शहर में आपसी भाईचारे, सामाजिक सहयोग और निस्वार्थ सेवा भावना को भी सुदृढ़ करने का एक बड़ा माध्यम है।
उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार इस वर्ष 11 जुलाई को भव्य माता जागरण का आयोजन किया गया था, जिसके संपन्न होने के बाद रविवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में सुबह से लेकर शाम तक हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माता का प्रसाद ग्रहण किया। प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने इस सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए यूनियन के सभी कर्मठ पदाधिकारियों, सदस्यों, स्थानीय समाजसेवियों, दानदाताओं और सहयोगियों का सहृदय आभार व्यक्त किया।
पूरे दो दिवसीय आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यूनियन द्वारा बैठने, शुद्ध पेयजल, विशेष लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। रविवार शाम को विशाल भंडारे की समाप्ति और माता रानी की अंतिम आरती के साथ इस भव्य धार्मिक उत्सव का शांतिपूर्ण समापन हुआ।