नाहन : हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा नशे के सौदागरों के खिलाफ अपनाई गई “शून्य सहनशीलता” (Zero Tolerance) की नीति धरातल पर पूरी कड़ाई से उतरती दिख रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में 15 नवंबर 2025 को शुरू हुए प्रदेशव्यापी “एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन” के तहत पुलिस प्रशासन लगातार ड्रग माफिया की रीढ़ तोड़ने में जुटा है। इसी कड़ी में आज 26 जून को “अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस” के ऐतिहासिक अवसर पर पूरे प्रदेश को “एंटी-चिट्टा दिवस” के रूप में मनाते हुए नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप को सामूहिक रूप से नष्ट कर दिया गया।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी, शिमला) की गरिमामयी उपस्थिति व वर्चुअल मार्गदर्शन में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत जब्त किए गए करोड़ों रुपये के मादक पदार्थों को इंसिनरेटर (Incinerators) में भस्मीभूत (नष्ट) किया गया। इस राज्यव्यापी कार्रवाई में जिला सिरमौर पुलिस ने भी बड़ी सफलता दर्ज कराते हुए दर्जनों मुकदमों से जुड़ी भारी मात्रा में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों को पूरी तरह आग के हवाले कर दिया।

जिला सिरमौर पुलिस द्वारा नष्ट की गई केस प्रॉपर्टी में 11.508 किलोग्राम चरस, 3704 नशीली दवाइयाँ/कैप्सूल और 71.020 किलोग्राम चूरा पोस्त शामिल रहा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नष्ट किए गए इन सभी नशीले पदार्थों का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹ 54,26,600 आँका गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अंतरराज्यीय और स्थानीय ड्रग माफिया, पेडलर्स और असामाजिक तत्वों को यह कड़ा संदेश देना है कि देवभूमि में उनके काले साम्राज्य के खिलाफ अब निर्णायक युद्ध छिड़ चुका है, ताकि प्रदेश की होनहार युवा पीढ़ी को चिट्टा और सिंथेटिक ड्रग्स के दलदल से बचाकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
इस विशेष दिवस पर केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक स्तर पर भी बड़े प्रयास किए गए। सिरमौर जिले की 20 अत्यधिक प्रभावित पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों की मौजूदगी में “नशा निवारण समितियों” की विशेष बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में धरातल पर नशे को रोकने और भावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही, जिले के लगभग सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों को नशे के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने हेतु “Anti-Chitta e-Pledge/Oath” (ई-शपथ) भी दिलाई गई।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस मुहिम को और मजबूत बनाने के लिए समस्त प्रदेशवासियों से एक बार फिर जन अपील की है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी भी नागरिक को चिट्टा या अन्य किसी भी मादक पदार्थ की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 112 या अपने निकटतम पुलिस थाने को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और प्राप्त इनपुट पर त्वरित व सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।