नाहन : हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती जिला सिरमौर में पशुओं में लंपी त्वचा रोग (Lumpy Skin Disease) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के सीमावर्ती इलाकों में अब तक 451 पशुओं में लंपी संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं, जिससे पशुपालकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सैंपलिंग की जा रही है।
मामले की जानकारी देते हुए पशुपालन विभाग के सहायक उपनिदेशक डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक दर्ज 451 मामलों में से 241 पशु सामान्य उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि वर्तमान में 206 एक्टिव मामले हैं। दुर्भाग्यवश, संक्रमण की वजह से 4 पशुओं की मौत भी हो चुकी है। विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर पशुपालकों को दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दे रही हैं।

डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण योजना बनाई गई है। विभाग की ओर से राज्य सरकार को 60 हजार लंपी वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है। जैसे ही वैक्सीन की खेप पहुंचेगी, जिला भर में व्यापक स्तर पर वैक्सीनेशन अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
उधर, जिला के सीमावर्ती क्षेत्र बर्मा पापड़ी पंचायत के जंगलाभूड़ गांव के ग्रामीणों और पशुपालकों ने चिंता जताते हुए कहा कि गांव में बड़ी संख्या में पशु इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। पशुपालकों की आजीविका पर संकट गहराने लगा है, जिसको देखते हुए ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रदेश सरकार से तुरंत आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं और वैक्सिनेशन उपलब्ध कराने की मांग की है।