सोलन: गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में शनिवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) क्षमता निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय थ्योरी ऑफ नॉलेज रहा। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद मुख्य वक्ता और संसाधन व्यक्तियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरित पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का संचालन सीबीएसई के दो प्रतिष्ठित और अनुभवी रिसोर्स पर्सन द्वारा किया गया। मॉडर्नवेज पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़ की एसोसिएट प्रिंसिपल रंजना भारद्वाज ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। वे राष्ट्रीय स्तर पर सीबीएसई की पाठ्यचर्या नवाचार शैक्षणिक उत्कृष्टता और पाठ्य सामग्री निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जानी जाती हैं।
सेंट विवेकानंद मिलेनियम स्कूल, पिंजौर में पीजीटी भौतिकी के पद पर कार्यरत श्रीमती इशु रानी ने अपनी अकादमिक विशेषज्ञता और समृद्ध शिक्षण अनुभवों को शिक्षकों के साथ साझा किया। कार्यशाला के दौरान आधुनिक शिक्षा पद्धति के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। मुख्य वक्ताओं ने शिक्षकों को बताया कि कक्षा-कक्ष में बच्चों को केवल रटा-रटाया ज्ञान देने के बजाय उनमें जिज्ञासा पैदा करना आवश्यक है। कार्यशाला में बच्चों को विभिन्न दृष्टिकोणों से सोचने और समझने की क्षमता विकसित करना। विद्यार्थियों में किसी भी तथ्य को तर्क और साक्ष्य के आधार पर परखने की आदत डालना।
रटने की प्रवृत्ति को छोड़कर वास्तविक जीवन में ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग को बढ़ावा देना जैसे बिंदुओं पर विचार-मंथन हुआ।
शिक्षण प्रक्रिया को रोचक बनाने के लिए रिसोर्स पर्सन्स द्वारा शिक्षकों से कई मनोरंजक गतिविधियां, समूह चर्चाएं और माइंड-मैपिंग जैसे सहभागितापूर्ण अभ्यास करवाए गए, जिसमें सोलन और आसपास के विभिन्न स्कूलों से आए शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों ने इस आयोजन को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और व्यावहारिक बताया। शिक्षकों का कहना था कि इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रम उनके व्यावसायिक विकास में मील का पत्थर साबित होते हैं और इससे उन्हें अपनी शिक्षण शैली को नई दिशा देने में मदद मिलती है।
सभी प्रतिभागी शिक्षकों और बाहरी अतिथियों ने गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल की प्रबंधन समिति तथा प्रधानाचार्या के दूरदर्शी नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इसके साथ ही, स्कूल के स्टाफ द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्था, बेहतर आतिथ्य सत्कार और समर्पण की भी सराहना की गई। कार्यशाला का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसने शिक्षकों को स्कूल लौटकर छात्र-छात्राओं में ज्ञान के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।