सोलन: जिला सोलन के दो राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में नि:स्वार्थ सेवा की एक अद्भुत मिसाल पेश की है। शिक्षक शशि पाल शर्मा और प्रदीप शर्मा पिछले पांच वर्षों से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के होनहार विद्यार्थियों को विभिन्न चयन व छात्रवृत्ति परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क (फ्री) ऑनलाइन कोचिंग प्रदान कर रहे हैं। इस वर्ष भी उनकी इस मुहिम के अविश्वसनीय और शानदार परिणाम सामने आए हैं।

हिमाचल समेत 3 राज्यों के 528 बच्चे जुड़े, 57 को मिली बड़ी सफलता
इस शैक्षणिक सत्र में दोनों शिक्षकों ने अपनी डिजिटल पाठशाला से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के लगभग 528 विद्यार्थियों को ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से जोड़ा। इनमें से करीब 300 बच्चों ने पूरे अनुशासन के साथ नियमित रूप से लाइव कक्षाओं में भाग लिया।
शिक्षकों के बेहतरीन मार्गदर्शन और बच्चों की दिन-रात की कड़ी मेहनत का नतीजा यह रहा कि इस साल 57 होनहार विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित चयन परीक्षाओं में सफलता का परचम लहराया है।
इस साल परीक्षा क्रैक करने वाले विजेता छात्रों में सोलन वीहान चौहान, पुष्कर गर्ग, माही सिंह, उस्मान, दृष्टि, अमानत कौर, मानसी, दिव्यम, उपासना एवं रुद्रांश शर्मा। सिरमौर के प्रज्ञान, अनमोल, सानवी, आरोही, अरनव, सक्षम, शिवन्या नेगी, दिव्यांशी एवं देवांश। शिमला के आयुष, काव्या, सानिध्या एवं विक्रम रांगटा। मंडी के अंशुमन, एंजल शर्मा, शमन, मानविक टेकटा एवं रियांश। चंबा के लक्षिता, समीक्षा, आरव एवं काव्यांश। किन्नौर के सूर्यांश नेगी एवं दिव्यांशी नेगी और कुल्लू के इकांशी एवं कनिष्क कपूर शामिल हैं। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में पहले बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर एवं ऊना जिलों से भी कुल 15 विद्यार्थी सफलता हासिल कर चुके हैं।
इन दोनों राष्ट्र-निर्माताओं के इस पुनीत कार्य में अंत्योदय फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रही है। इस शानदार परिणाम से गदगद होकर फाउंडेशन के निदेशक महेंद्र मेहता ने दोनों शिक्षकों के स्कूलों को सुचारू संचालन के लिए दो नए प्रिंटर भेंट किए हैं। इसके साथ ही संस्था की ओर से परीक्षा पास करने वाले सभी 57 चयनित बच्चों के हौसला-अफजाई के लिए विशेष उपहार (गिफ्ट्स) भी भेजे गए हैं।
अब तक 300 से अधिक बच्चों को दिला चुके हैं मुफ्त प्रवेश
मिसाल: दोनों शिक्षकों की यह अनूठी पहल आज पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है। उनके इन नि:स्वार्थ प्रयासों की बदौलत अब तक 300 से अधिक गरीब व ग्रामीण बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), विभिन्न सरकारी छात्रवृत्ति परीक्षाओं और हिमाचल के नामी व प्रतिष्ठित स्कूलों में शत-प्रतिशत निःशुल्क स्कॉलरशिप के माध्यम से दाखिला मिल चुका है।
अभिभावकों ने इन दोनों शिक्षकों को ‘मसीहा’ बताते हुए उनकी इस सेवा भावना की जमकर सराहना की है। भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए शिक्षक शशि पाल शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में इस ऑनलाइन कोचिंग अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के अन्य अनुभवी और कर्मठ अध्यापकों को भी इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है, ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठे बच्चे को और अधिक प्रभावी, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।