सोलन: पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सोलन में तीन दिवसीय हस्तकला प्रदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रम का शानदार और सफल आयोजन किया गया। हस्तशिल्प सेवा केंद्र, कुल्लू के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम 23 जून से 25 जून तक चला, जिसमें छठी से दसवीं कक्षा तक की छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

इस खास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के भीतर छिपी रचनात्मकता और कलात्मक कौशल को निखारना था, साथ ही उन्हें अपनी पारंपरिक हस्तकलाओं से रूबरू कराना था। तीन दिनों के इस शिविर में छात्राओं को पाइन आर्ट, एम्ब्रॉयडरी व क्रोशिया कला, प्रसिद्ध कांगड़ा पेंटिंग और क्ले मॉडलिंग जैसी कई पारंपरिक विधाओं की बारीकियां सिखाई गईं और उनका व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
छात्राओं ने अलग-अलग कलाओं में दिखाया हुनर
शिविर के दौरान छात्राओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। अलग-अलग विधाओं की बात करें तो कांगड़ा पेंटिंग में सबसे ज्यादा 40, क्ले मॉडलिंग में 42, पाइन आर्ट में 39 और एम्ब्रॉयडरी व क्रोशिया कला में 36 छात्राओं ने भाग लेकर अपनी कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण सत्र खत्म होने के बाद छात्राओं के बीच प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई, जहां उन्होंने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। व्यक्तिगत श्रेणी के मुकाबलों में आठवीं कक्षा की श्वेता ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं सातवीं कक्षा की आनवी दूसरे और इसी कक्षा की सिरजना तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अलावा उन्नति को चौथा और पल्लवी को पांचवां स्थान मिला।
समूह और बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट मुकाबलों में भी रही धूम
ग्रुप लेवल पर हुई प्रतियोगिताओं में पाइन क्राफ्ट समूह ने अपनी बेहतरीन कलाकारी के दम पर पहला स्थान झटका। क्ले पेंटिंग और क्ले क्राफ्ट समूह दूसरे स्थान पर रहा, जबकि क्रोशिया क्राफ्ट समूह को तीसरा स्थान मिला। इस दौरान एक ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ प्रतियोगिता भी करवाई गई, जिसका मकसद बच्चों को घरों में बेकार पड़ी चीजों से सुंदर और काम का सामान बनाना सिखाना था।
स्कूल प्रशासन ने इस बेहतरीन पहल के लिए हस्तशिल्प सेवा केंद्र, कुल्लू के प्रयासों की जमकर तारीफ की। शिक्षकों का मानना है कि यह आयोजन छात्राओं के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि इससे उनके कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और पारंपरिक कला-संस्कृति के प्रति उनका लगाव और बढ़ेगा।