शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र के व्यापक कायाकल्प और सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य के लोगों को घर-द्वार के समीप आधुनिक एवं विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरकार जहां स्वास्थ्य अधोसंरचना में बड़े सुधार कर रही है, वहीं अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व तकनीशियनों की बड़े पैमाने पर भर्तियां भी की जा रही हैं। प्रदेश सरकार द्वारा आधुनिक चिकित्सा मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशिएलिटी चमियाणा सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में सहायक स्टाफ नर्सों के 650 पदों पर नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी हैं, जबकि 1300 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में सहायक स्टाफ नर्सों के 117 पदों पर नियुक्ति दी गई है और हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल ने 500 और पदों पर भर्ती को स्वीकृति प्रदान की है। राज्य चयन आयोग के माध्यम से चयनित ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (OTA) अभ्यर्थियों को चिकित्सा शिक्षा विभाग में 84 और स्वास्थ्य विभाग में 39 पदों पर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में रेडियोग्राफर के 21 पदों पर भी सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं।
सरकार द्वारा विभिन्न अन्य तकनीकी पदों पर भी त्वरित गति से भर्तियां की जा रही हैं। फार्मासिस्ट के 17 पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं और 74 पदों पर प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह मेडिकल लैबोरेटरी तकनीशियन के 66, लैबोरेटरी सहायक के 8, रेडियोग्राफर के 20, ऑप्थल्मोलॉजिस्ट के 2, फिजियोथैरेपिस्ट के 7 और ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट के 13 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। हालिया मंत्रिमंडल बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग में रेडियोलॉजिस्ट के 30, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट के 13, परफ्यूजनिस्ट के 6 और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेडियोग्राफर के 10 नए पद भरने को भी मंजूरी दी गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने मार्च 2025 में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में पैरामेडिकल एवं मिनिस्ट्रियल स्टाफ कैडर को अलग करने की महत्वपूर्ण पहल की है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि वर्तमान राज्य सरकार ने 31 दिसंबर 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 90 प्रतिशत चिकित्सा, पैरामेडिकल और अन्य सहायक स्टाफ की तैनाती का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि प्रदेशवासियों को राज्य के भीतर ही बेहतरीन विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं त्वरित रूप से उपलब्ध करवाई जा सकें।