सोलन: भावी पीढ़ी को वैश्विक चुनौतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में शुक्रवार को कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों द्वारा सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर आधारित एक विशेष प्रार्थना सभा का प्रभावशाली आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि समाज को एक न्यायपूर्ण और गरीबी मुक्त विश्व के निर्माण का संदेश भी दिया।

आज की विशेष सभा में संयुक्त राष्ट्र के 17 लक्ष्यों में से दो सबसे महत्वपूर्ण विषयों— SDG 1 (गरीबी उन्मूलन) और SDG 16 (शांति, न्याय एवं सशक्त संस्थाएं) को केंद्र में रखा गया। विद्यार्थियों ने इन लक्ष्यों की महत्ता को विभिन्न रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत किया। विद्यालय परिसर में एक रैली निकाली गई, जिसमें छात्र हाथों में पोस्टर और प्रेरक नारे लेकर ‘शांति और समानता’ का संदेश देते नजर आए।
छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अन्याय और गरीबी की समस्या को अत्यंत मार्मिक ढंग से उजागर किया। नृत्य-नाटिका के जरिए यह संदेश दिया गया कि जागरूक नागरिक ही एक सशक्त समाज की नींव रख सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित ये 17 वैश्विक लक्ष्य वर्ष 2030 तक की एक कार्ययोजना हैं। इनका उद्देश्य दुनिया से गरीबी मिटाना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से SDG 16 एक ऐसे समाज पर बल देता है जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा, न्याय और सम्मान मिल सके।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर अरोड़ा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना है। विद्यार्थियों द्वारा SDG जैसे वैश्विक विषयों पर की गई ये प्रस्तुतियाँ सराहनीय हैं। ऐसे प्रयास ही हमें एक शांतिपूर्ण और सशक्त राष्ट्र की ओर ले जाते हैं।