नाहन : उत्तरी भारत की प्रसिद्ध शक्तिपीठ महामाया माता बाला सुंदरी मंदिर, त्रिलोकपुर को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। अब यहां आने वाले देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु न केवल माता के दर्शन कर सकेंगे, बल्कि नौका विहार का भी आनंद ले पाएंगे। मंगलवार को स्थानीय कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने शिव मंदिर परिसर में नौका विहार सुविधा का विधिवत शुभारंभ किया।
इस मौके पर विधायक अजय सोलंकी ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली गौशाला का शिलान्यास किया, जबकि 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित पशु औषधालय त्रिलोकपुर का उद्घाटन भी किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना है, बल्कि क्षेत्र में पशु संरक्षण और उपचार की व्यवस्था को भी मजबूत करना है।

विधायक अजय सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा कि त्रिलोकपुर एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां नवरात्रों सहित पूरे वर्ष लाखों श्रद्धालु माता बाला सुंदरी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस तीर्थ स्थल को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सड़क, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली गौशाला के निर्माण से क्षेत्र में सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। वहीं 30 लाख रुपये की लागत से बने पशु औषधालय से स्थानीय लोगों को अपने पशुओं के इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
विधायक सोलंकी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और त्रिलोकपुर शक्तिपीठ को भी उसी कड़ी में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सभी विकास कार्यों को गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ तय समय में पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने भी त्रिलोकपुर में नई सुविधाओं की शुरुआत पर खुशी जताई और इसे क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।