नाहन : डॉल्फिन इंस्टीट्यूट ऑफ बायो मेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज महाविद्यालय, सुद्धोवाला, देहरादून में आयोजित गुरु संवाद कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड के चयनित 100 से अधिक शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की 25 वर्षों की निरंतर उपलब्धियों के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह के अंतर्गत किया गया।
कार्यक्रम में शहीद कमल कान्त मैमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटड़ी ब्यास के अंग्रेजी प्रवक्ता चत्तर सिंह चौहान तथा हिल व्यू पब्लिक स्कूल, माजरा की वरिष्ठ संकाय सदस्य अनिता देवी को विशिष्ट शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया। वहीं हिल व्यू पब्लिक स्कूल माजरा के निदेशक अजय शर्मा, प्रधानाचार्य आशु शर्मा तथा शहीद कमल कान्त मैमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटड़ी ब्यास के प्रधानाचार्य जीवन प्रकाश जोशी को उत्कृष्ट शैक्षणिक नेतृत्व सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड उच्च शिक्षा निदेशक कुलदीप गैरोला रहे, जबकि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT), नई दिल्ली के सदस्य गगन गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर डॉल्फिन संस्थान के महाप्रबंधक आशीष गुप्ता, डॉल्फिन महाविद्यालय की प्राचार्या शैलजा पंत सहित अनेक शिक्षाविद, संकाय सदस्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के आरंभ में महाविद्यालय की प्राचार्या शैलजा पंत ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागी शिक्षकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि कुलदीप गैरोला ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार रखते हुए बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलावों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम अध्यक्ष गगन गुप्ता ने शिक्षा में नवाचार की आवश्यकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए और शिक्षकों से विद्यार्थियों में रचनात्मक एवं नवाचारी सोच विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में गुरु संवाद एवं पैनल चर्चा रही। शिक्षकों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में आ रही व्यावहारिक समस्याओं एवं चुनौतियों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। इन प्रश्नों का उत्तर छह सदस्यीय पैनल ने दिया। पैनल में हिल व्यू पब्लिक स्कूल माजरा के निदेशक अजय शर्मा, विद्या भारती के अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर मसूरी के प्रधानाचार्य श्री मनोज रियाल,एनसीईआरटी के सदस्य गगन गुप्ता, उत्तराखंड उच्च शिक्षा निदेशक कुलदीप गैरोला, डूंगा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य तथा शहीद कमल कान्त मैमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटड़ी ब्यास के प्रधानाचार्य जीवन प्रकाश जोशी शामिल रहे।
पैनल चर्चा के दौरान नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षण-पद्धति में बदलाव, विद्यालयी स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, नवाचार तथा विद्यार्थियों में रचनात्मक कौशल के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। शिक्षकों ने भी अपने अनुभव एवं समस्याएं साझा की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉल्फिन संस्थान के महाप्रबंधक आशीष गुप्ता ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार अपनाने तथा विद्यार्थियों को रचनात्मक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
गुरु संवाद कार्यक्रम ने शिक्षकों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने, शैक्षणिक नवाचारों पर विचार-विमर्श करने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को विद्यालयी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नए दृष्टिकोण तलाशने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।