नाहन : हिमाचल प्रदेश मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापकों में शुमार, वन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीम मोहम्मद दीदान का आज सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही पूरे नाहन शहर और प्रदेश के सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। वह अपने पीछे एक समृद्ध सामाजिक विरासत और समाज सेवा की अनूठी मिसाल छोड़ गए हैं।
नसीम मोहम्मद दीदान केवल एक प्रशासनिक अधिकारी या राजनीतिक चेहरा ही नहीं थे, बल्कि वह एक बेहद मिलनसार और संवेदनशील इंसान थे। वह रोटरी क्लब सहित शहर के कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए थे। जीवन के आखिरी पड़ाव तक उन्होंने मुस्लिम समाज को एक नई सोच, सकारात्मक विचार और दिशा देने के लिए लगातार काम किया। न केवल अपने समुदाय के लिए, बल्कि समाज के हर दबे-कुचले और जरूरतमंद व्यक्ति की समस्याओं के समाधान के लिए वह हमेशा आगे रहते थे।

वर्तमान में वह ‘ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी’ के प्रदेश मुख्य सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और अपनी नि:स्वार्थ भावना के लिए जाने जाते थे। नाहन शहर के समग्र विकास और स्थानीय मुद्दों को लेकर वह हमेशा मुखर रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाहन के विकास के लिए उठने वाली एक मजबूत आवाज़ आज हमेशा के लिए खामोश हो गई है, जिसकी भरपाई नामुमकिन है।
वन विभाग से एक अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त होने के बाद भी उन्होंने विश्राम नहीं किया और खुद को पूरी तरह जनसेवा में झोंक दिया। उनका परिवार भी समाज और प्रशासन में अपनी सेवाएं दे रहा है; उनके बेटे इशाक मोहम्मद वर्तमान में नाहन में ही सीडीपीओ (CDPO) के पद पर तैनात हैं।
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय नसीम मोहम्मद दीदान जी का अंतिम संस्कार आज ही किया जाएगा। आज शाम 6 बजे के आसपास नाहन के चिड़वाली स्थित कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके अंतिम जनाजे में शहर के तमाम गणमान्य लोग, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
दीदान के आकस्मिक निधन पर क्षेत्र की तमाम सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन सलीम अहमद, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष शकील अहमद शेख, और अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष बॉबी अहमद सहित शहर के तमाम गणमान्य लोगों ने उनके निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
सभी सामाजिक संगठनों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर/अल्लाह दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों/जन्नत में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस असह्य दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।