नाहन : ऐतिहासिक शहर नाहन के गन्नूघाट क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया के दौरान मंगलवार को विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों और एक स्थानीय परिवार के बीच अचानक गलतफहमी का माहौल बन गया। बातचीत के दौरान बिजली कट जाने से उपभोक्ता ने असंतोष जताया, लेकिन मामले की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई करते हुए आपूर्ति बहाल करवाई।
गन्नूघाट क्षेत्र की निवासी पारुल और उनके पति ने बताया कि मंगलवार दोपहर बिजली विभाग के कर्मचारी उनके घर स्मार्ट मीटर लगाने आए थे। उन्होंने जब कर्मचारियों से नियम और विभागीय आदेश की जानकारी मांगी, तो सामान्य बातचीत के बाद कर्मचारी चले गए। लेकिन इसके कुछ ही मिनटों बाद उनके मकान की बिजली अचानक गुल हो गई। जब उन्होंने देखा कि पूरे बाजार और आसपास के सभी घरों में लाइट सुचारू रूप से चल रही थी, तो दंपत्ति का गुस्सा फूट पड़ा। बिना किसी पूर्व नोटिस या अल्टीमेटम के बत्ती गुल होने पर उन्हें लगा कि विभाग ने दुर्भावनापूर्वक उनकी बिजली काट दी है। इस तानाशाही रवैये और मनमानी से नाराज होकर वे अपनी दुकान छोड़कर तुरंत विद्युत बोर्ड के दफ्तर पहुंचे और अपना तीखा विरोध दर्ज कराया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत बोर्ड के एसडीओ संतोष कुमार ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि विभाग के किसी भी कर्मचारी द्वारा जानबूझकर उपभोक्ता की बिजली नहीं काटी गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि विभागीय कर्मचारी उस समय पास ही की एक अन्य लाइन पर आवश्यक मरम्मत कार्य कर रहे थे। उसी दौरान खिंचाव आने के कारण संबंधित मकान की सर्विस वायर ढीली (लूज) हो गई, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी।
एसडीओ संतोष कुमार ने बताया कि जैसे ही यह विषय उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत तकनीकी कर्मचारियों को मौके पर भेजा। टीम ने अविलंब ढीली तारों को सही किया और उनके घर की बिजली आपूर्ति पूरी तरह दुरुस्त करवा दी।
विद्युत बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर योजना उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग और बेहतर सेवाएं देने के लिए लागू की जा रही है। एसडीओ ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में विभागीय टीम का सहयोग करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभाग सदैव तत्पर है।