नाहन नगर परिषद चुनाव: भाजपा की लगातार तीसरी जीत, रोमांचक मुकाबले में कांग्रेस 7-6 से चूकी

नाहन : हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के गृह क्षेत्र नाहन में नगर परिषद की सियासी जंग आखिरी क्षणों तक बेहद दिलचस्प बनी रही। लगभग 10 साल बाद सत्ता में वापसी का ख्वाब देख रही कांग्रेस को शुरुआती बढ़त के बावजूद अंत में मायूसी हाथ लगी। नाहन के 13 वार्डों में हुए करीब 65 फीसदी मतदान के बाद आए नतीजों ने पूरा समीकरण बदल दिया।

भाजपा ने 13 में से 7 सीटें जीतकर बहुमत का जादुई आंकड़ा पार किया और सत्ता की हैट्रिक पूरी की, जबकि कांग्रेस 6 सीटों पर सिमट कर रह गई। वार्ड नंबर 13 के त्रिकोणीय मुकाबले ने अंततः पूरे चुनाव का रुख भाजपा के पक्ष में मोड़ दिया।

कांग्रेस की शुरुआती बढ़त (वार्ड 1 से 3)
शुरुआती तीनों वार्डों में कांग्रेस ने एकतरफा और मजबूत पकड़ दिखाते हुए शानदार बढ़त बनाई:

वार्ड नंबर-1: कांग्रेस के कपिल गर्ग (मोंटी गर्ग) ने 772 वोट हासिल कर भाजपा के शुभम सैनी (492 वोट) को शिकस्त दी। यहां निर्दलीय प्रत्याशी को केवल 20 वोट मिले।

वार्ड नंबर-2 (कांटे की टक्कर): कांग्रेस के नरेंद्र तोमर ने एक करीबी मुकाबले में भाजपा के मनीष जैन को 40 वोटों से मात दी। नरेंद्र तोमर को 758 और मनीष जैन को 718 वोट मिले।

वार्ड नंबर-3: कांग्रेस की उपमा धीमान ने 721 वोट लेकर एकतरफा जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा की आशा भारद्वाज (423 वोट) को हराया। भाजपा से बागी हुईं लीला सैनी को 62 वोट और NOTA को 13 वोट मिले।

भाजपा की वापसी (वार्ड 4 से 5)
चौथे वार्ड से भाजपा ने अपना खाता खोला और पांचवें वार्ड में रिकॉर्ड जीत दर्ज की:

वार्ड नंबर-4: दिवंगत चेयरपर्सन रेखा तोमर की पुत्रवधू पूजा तोमर ने भाजपा के लिए पहली जीत दर्ज की। पूजा को 475 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की श्रद्धा शर्मा 225 वोटों पर रुक गईं।

वार्ड नंबर-5 (सबसे बड़ी जीत): भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के इस गृह वार्ड में दिवंगत पार्षद मधु अत्री की पुत्रवधू सीमा अत्री ने इतिहास रच दिया। उन्होंने रिकॉर्ड 846 वोट हासिल कर कांग्रेस की समीना खान (266 वोट) को 580 वोटों के विशाल अंतर से हराया।

कांग्रेस का पलटवार (वार्ड 6 से 7)
मध्य के वार्डों में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अपनी साख बरकरार रखी:

वार्ड नंबर-6: कांग्रेस के दिग्गज योगेश गुप्ता (सुक्खू भाई) ने जीत का ‘सिक्सर’ (छठी बार जीत) लगाया। उन्हें 478 वोट मिले, जबकि भाजपा की अर्पिता बक्शी को महज 166 वोटों से संतोष करना पड़ा।

वार्ड नंबर-7: कांग्रेस के राकेश गर्ग (पपली भाई) ने जीत की हैट्रिक बनाई। राकेश को 557 वोट और भाजपा के युवा चेहरे अभिषेक चौधरी को 319 वोट मिले। इस वार्ड में NOTA को 10 मत पड़े।

मुकाबला बराबरी की ओर (वार्ड 8 से 9)
यहां से भाजपा ने दोबारा रफ्तार पकड़ी और मुकाबले को वापस खींचा:

वार्ड नंबर-8: भाजपा के संजय चौहान ने 590 वोट लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र पासी (281 वोट) को बड़े अंतर से पराजित किया।

वार्ड नंबर-9: भाजपा की कौशल्या ने 424 वोट पाकर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस की कुसुम तोमर 380 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। यहाँ NOTA को 11 वोट मिले।

भाजपा को बड़ा झटका (वार्ड 10)
वार्ड नंबर-10: इस वार्ड ने भाजपा को चौंकाया, जहां भाजपा के मंडल अध्यक्ष संजय पुंडीर चुनाव हार गए। कांग्रेस के युवा वकील वसीम खान ने 511 वोट लेकर शानदार जीत हासिल की, जबकि पुंडीर को 306 वोट मिले। NOTA के खाते में 16 वोट गए।

आखिरी राउंड का रोमांच और निर्णायक मोड़ (वार्ड 11 से 13)
जब मुकाबला 6-5 पर था, तब अंतिम तीन वार्डों ने गेम पूरी तरह बदल दिया:

वार्ड नंबर-11: भाजपा की निवर्तमान पार्षद संध्या अग्रवाल ने 502 वोट लेकर कांग्रेस की हरप्रीत कौर (352 वोट) को हराया और स्कोर 6-5 (भाजपा के पक्ष में) कर दिया।

वार्ड नंबर-12: भाजपा के प्रदीप सहोत्रा ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर मुकाबला 6-6 की बराबरी पर ला खड़ा किया। प्रदीप को 650 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के राकेश कुमार को 534, निर्दलीय विनीत कुमार को 116 और नरेश को 23 वोट मिले।

वार्ड नंबर-13 (द गेम चेंजर): आखिरी और निर्णायक वार्ड में भाजपा की संजना कौर ने 537 वोट हासिल कर अपनी पार्टी को बहुमत दिला दिया। यहाँ कांग्रेस की सर्वजीत कौर को 456 वोट मिले, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति ने 268 वोट काटकर कांग्रेस का पूरा गणित बिगाड़ दिया। इस वार्ड में NOTA को 8 वोट मिले।

निष्कर्ष: नाहन नगर परिषद का यह चुनाव रणनीतिक चूकों और निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रभाव का सटीक उदाहरण रहा। कांग्रेस ने दमदार शुरुआत तो की, लेकिन आखिरी वार्डों में निर्दलीयों द्वारा वोट काटने और भाजपा की मजबूत फील्डिंग के कारण वह जीत के मुहाने पर आकर चूक गई।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।