नाहन : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में कच्चा टैंक क्षेत्र के एक ही परिवार का अंदरूनी पारिवारिक क्लेश अब पुलिस थाने से लेकर मीडिया के गलियारों तक पहुंच चुका है। 12 सितंबर को सास द्वारा बहू और दो पोतों पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करवाए जाने के बाद, आरोपी बहू रमन गोयल (रीमा) और उनके बेटों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने पुलिस में दर्ज एफआईआर को एकतरफा और झूठा बताते हुए मीडिया के समक्ष अपनी आपबीती और डिजिटल व मेडिकल सबूत पेश किए।
पुलिस थाना नाहन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, कच्चा टैंक निवासी निर्मला अग्रवाल (पत्नी स्व. राम स्वरूप) ने शिकायत दी थी कि उनकी बहू रमन गोयल और उनका बेटा संदीप कुमार आए दिन आपस में और उनके साथ झगड़ा करते हैं। 12 सितंबर को घरेलू कहासुनी के बाद जब संदीप शिकायत दर्ज कराने पुलिस चौकी कच्चा टैंक गया, तो उनके जाने के बाद बहू रमन गोयल और पोतों केशव व रुद्राक्ष ने सास को कमरे में बंद कर दिया तथा लात-घूंसों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।

दूसरी ओर, आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहू रमन गोयल ने सास द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का खंडन करते हुए मामले का दूसरा पहलू उजागर किया। रमन गोयल का कहना था कि 12 सितंबर को वे अपने पति संदीप के नाहन स्थित कार्यालय में बात करने गई थीं, जहां पति ने कथित तौर पर उनके साथ शारीरिक मारपीट की, बाल पकड़कर सड़क की तरफ घसीटा और गला दबाने का प्रयास किया। वहां से अपनी जान बचाकर निकलने के बाद घर पर भी मारपीट और बहस हुई, जिस दौरान उनकी सास बीच में आ गईं और गिर गईं जिससे उन्हें चोट आ गई; उनका इरादा किसी को चोट पहुंचाने का नहीं था। घटना के तुरंत बाद वे इलाज के लिए सिविल अस्पताल अंबाला चली गईं, जहां उनका मेडिकल परीक्षण और सीटी स्कैन करवाया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद दोनों बेटों ने घटना के वक्त मौके पर अपनी मौजूदगी से साफ इनकार किया। एक बेटे ने मीडिया के सामने कहा कि विवाद के समय वह अपने जिम में था और अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए जिम के बायोमेट्रिक/अटेंडेंस रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज पुलिस जांच में सौंपने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके अलावा, रमन गोयल ने अपनी पारिवारिक स्थिति का ब्योरा देते हुए बताया कि अगस्त 2024 में बैच-वाइज़ JBT शिक्षक के रूप में संगड़ाह में पोस्टिंग मिलने के बाद से ही उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने शादी के बाद शुरुआती 10 वर्षों तक ससुराल पक्ष की तमाम उधारी चुकाने, अपनी बीमार मां और किडनी व हार्ट की बीमारी से पीड़ित पिता की देखभाल करने का जिक्र करते हुए व्हाट्सएप चैट और मेडिकल फाइलें भी दिखाईं।
अंत में, रमन गोयल और उनके परिवार ने सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही आधी-अधूरी वीडियो क्लिप्स पर आपत्ति दर्ज कराई और जनता से पूरे मामले की सच्चाई जाने बिना कोई राय न बनाने की अपील की। उन्होंने पुलिस और न्याय प्रणाली पर विश्वास जताते हुए मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पूरी घटनाक्रम की टाइमलाइन, सीसीटीवी फुटेज और पूर्व के पारिवारिक घटनाक्रमों को भी रिकॉर्ड में शामिल किया जाए।