नाहन : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होने से बाल-बाल टल गया। नाहन विधानसभा क्षेत्र की नागल सकेती पंचायत में जैश फैक्ट्री के समीप बने एक बेहद खतरनाक और संकरे मोड़ पर एक कार अचानक अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते वाहन सड़क से फिसलकर करीब 150 फीट गहरी खाई को पार करते हुए नीचे उफनती मारकंडा नदी में जा गिरा। गाड़ी में तीन महिलाएं, एक बच्चा और दो पुरुष सवार थे। उफनते पानी और इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद चमत्कारिक रूप से सभी छह लोग जीवित बच गए। हादसे में एक व्यक्ति का पैर टूटने की सूचना है, जबकि बाकी यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं।
दुर्घटनाग्रस्त वाहन में सवार सभी श्रद्धालु पंजाब के रोपड़, नवांशहर और चंडीगढ़ इलाके के रहने वाले हैं। यह परिवार उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध नीम करोली बाबा के मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद अपने घर लौट रहा था। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे जैसे ही उनकी कार जैश फैक्ट्री के पास तीखे मोड़ पर पहुंची, चालक का गाड़ी से नियंत्रण छूट गया। भयानक हादसे के बाद जोर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर भागे। स्थानीय निवासियों तेजवीर सिंह, जगपाल, तनिष्क चौधरी, वीर सिंह, अनीश और रिंकू समेत अन्य युवाओं ने बिना देरी किए उफनती नदी में उतरकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कार में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया। इसके बाद सभी घायलों को इलाज के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज नाहन पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उनका उपचार जारी है। तेज बहाव वाली मारकंडा नदी में कार गिरने के बाद भी सभी सवारों का सुरक्षित बच जाना हर किसी को हैरान कर रहा है। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का मानना है कि यह नीम करोली बाबा का ही आशीर्वाद और चमत्कार है कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद सभी की जानें बच गईं।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही पर कड़े सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क की हालत बद से बदतर हो चुकी है। इतना खतरनाक मोड़ और नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई होने के बावजूद सड़क किनारे न तो क्रैश बैरियर लगाए गए हैं और न ही चालकों को सतर्क करने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड या साइनबोर्ड मौजूद है। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था, जो आज सच होते-होते बचा।
यह कालाअंब-विक्रमबाग-पांवटा साहिब मार्ग न केवल स्थानीय ग्रामीणों बल्कि औद्योगिक इकाइयों और उत्तराखंड जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कालाअंब से खजूरना तक फैली इस सड़क पर कई फैक्ट्रियां होने के कारण दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। बदहाल सड़क और जानलेवा गड्ढों की वजह से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ उद्योगपति और राहगीर भी आए दिन हादसों के खौफ में सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इस अति-संवेदनशील मोड़ पर तुरंत पक्के सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए जाएं और जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मत की जाए।