नाहन : जिला मुख्यालय नाहन आज शिवमय नजर आया जब आर्ट ऑफ लिविंग के सौजन्य से निकाली जा रही ‘सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन यात्रा’ यहाँ पहुंची। इस पावन अवसर पर श्री सिद्ध पीठ कालीस्थान मंदिर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ विधिवत रुद्राभिषेक के उपरांत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दिव्य ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।
आर्ट ऑफ लिविंग हिमाचल के प्रमुख राजेश कुमार ने बताया कि यह ऐतिहासिक यात्रा 1 अप्रैल को चंबा से शुरू हुई थी। प्रदेश के सभी जिलों का भ्रमण करते हुए यह यात्रा आज नाहन पहुंची है, जहाँ इसका भव्य समापन हुआ। नाहन पहुंचने पर स्थानीय श्रद्धालुओं ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। श्रद्धालुओं में इस ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने खुद को सौभाग्यशाली बताया।

राजेश कुमार ने इस ज्योतिर्लिंग के पीछे छिपे अनूठे इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मोहम्मद गजनवी ने अपने अंतिम आक्रमण के दौरान सोमनाथ मंदिर के शिवलिंग को खंडित करने का प्रयास किया था। उस समय वहां मौजूद अग्निहोत्री ब्राह्मणों ने शिवलिंग के टुकड़ों को सुरक्षित छुपा लिया था और पीढ़ी दर पीढ़ी गोपनीय तरीके से इसकी पूजा-अर्चना जारी रखी।
वर्ष 1924 में इस संदर्भ में शंकराचार्य जी से मार्गदर्शन लिया गया। उसी निर्देशानुसार, वर्ष 2024 में इस पवित्र शिवलिंग को श्री श्री रविशंकर जी को सौंपा गया। अब आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से इस दिव्य ज्योतिर्लिंग को जन-साधारण के दर्शन हेतु पूरे प्रदेश में ले जाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह शिवलिंग न केवल आध्यात्मिक बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत अद्भुत है। 1000 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद लोगों को इसके दर्शन सुलभ हो पाए हैं। नाहन में संपन्न हुई इस यात्रा ने शिव भक्तों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया है।