नौणी यूनिवर्सिटी में प्रो. प्रेम लाल गौतम साइटेशन ऑफ ऑनर से सम्मानित

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By Hills Post

सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने अपने विशिष्ट पूर्व छात्र, पूर्व संकाय और देश के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. प्रेम लाल गौतम को भारतीय कृषि, अनुसंधान, शिक्षा और कृषि नीति निर्माण के क्षेत्र में उनके असाधारण जीवनपर्यंत योगदान के लिए विश्वविद्यालय के सर्वोच्च सम्मान साइटेशन ऑफ ऑनर से नवाजा है। मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक विशेष और भव्य समारोह के दौरान प्रो. गौतम और उनकी धर्मपत्नी कमला गौतम का पारंपरिक हिमाचली लोकाचार से स्वागत किया गया। इसके उपरांत, विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति में कुलपति प्रो. एच.एस. बवेजा ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान भेंट किया।

प्रो. प्रेम लाल गौतम का नौणी विश्वविद्यालय से बहुत पुराना और गहरा नाता रहा है। वे सोलन स्थित कृषि महाविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं और बाद में उन्होंने इसी विश्वविद्यालय में वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता (डीन) के रूप में भी अपनी बहुमूल्य सेवाएँ प्रदान की थीं। पाँच दशकों से अधिक लंबे अपने शानदार और गौरवपूर्ण कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश के कृषि क्षेत्र में कई सर्वोच्च और नीति-निर्माता पदों की जिम्मेदारी संभाली। इनमें मुख्य रूप से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के उप महानिदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक, पौध किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।

वर्तमान में वे डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (बिहार) के कुलाधिपति (चांसलर) के रूप में शिक्षा जगत का मार्गदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में भारत सरकार ने उन्हें विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘पद्मश्री’ से अलंकृत किया था, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार भी उन्हें ‘हिमाचल गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित कर चुकी है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर कुलपति प्रो. एच.एस. बवेजा ने अपने संबोधन में कहा कि यह समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय है। प्रो. गौतम का सम्मान केवल एक प्रख्यात वैज्ञानिक का आदर नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय के एक ऐसे प्रेरणास्रोत पूर्व छात्र और शिक्षक का सम्मान है जिनकी वैश्विक उपलब्धियाँ इस संस्थान का मस्तक हमेशा ऊंचा रखती हैं। विश्वविद्यालय प्रो. गौतम के साथ अपने आत्मीय संबंधों पर गर्व करता है और उनके द्वारा स्थापित उत्कृष्टता, नवाचार और समाज सेवा के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सम्मान पाकर भावुक हुए प्रो. प्रेम लाल गौतम ने विश्वविद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस संस्थान से उन्होंने शिक्षा ग्रहण की और जहाँ वर्षों तक अध्यापन कार्य किया, वहाँ इस रूप में पुनः लौटना उनके लिए एक अत्यंत भावुक और अविस्मरणीय क्षण है। विश्वविद्यालय की बहुआयामी प्रगति की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षकों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों से संस्थान की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया।

प्रो. गौतम ने देश के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को भारतीय कृषि की सफलता की वास्तविक रीढ़ बताते हुए कहा कि आज खाद्यान्न के क्षेत्र में देश जो आत्मनिर्भर हुआ है, वह किसानों की हाड़-तोड़ मेहनत और वैज्ञानिकों के निरंतर नवाचार का ही सीधा परिणाम है। छात्र-छात्राओं को सफलता का मूलमंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता; केवल निरंतर परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ही जीवन में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

कृषि अनुसंधान की भविष्य की बदलती आवश्यकताओं और चुनौतियों का उल्लेख करते हुए प्रो. गौतम ने एक मजबूत व समन्वित शोध दल (सशक्त रिसर्च टीम) के निर्माण पर विशेष बल दिया। उन्होंने सचेत किया कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों, विशेषकर जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और उभरती आधुनिक प्रौद्योगिकियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अब हमें पूर्वानुमान आधारित अनुसंधान (फोरकास्ट-बेस्ड रिसर्च) को तेजी से बढ़ावा देना होगा।

कृषि क्षेत्र का भविष्य अब सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP मॉडल) में निहित है, जिसके लिए प्रेरित, दक्ष और उच्च गुणवत्ता वाले मानव संसाधन का विकास करना समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने युवा पेशेवरों और छात्रों को उत्कृष्ट व्यावसायिक उपलब्धियों के साथ-साथ स्वस्थ शरीर और संतुलित मन के लिए योग, ध्यान तथा अनुशासित जीवनशैली अपनाने की भी मूल्यवान सलाह दी।

इस विशेष समारोह के दौरान इंडियन फार्मर एलायंस (IFA) तथा विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने भी प्रो. गौतम को कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक अवदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया। कार्यक्रम का विधिवत समापन अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर) डॉ. एस.के. भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत किए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

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