नाहन : जिला सिरमौर में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी (Heat Wave) के प्रकोप को देखते हुए अब बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों की चिंताएं चरम पर पहुंच गई हैं। आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप के बीच त्रिलोकपुर, नाहन, पाँवटा साहिब और औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के कई अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बेहद जरूरी अपील की है। इन अभिभावकों का तर्क है कि जब आगामी 1 जून से प्रदेश के स्कूलों में वैसे भी गर्मियों की छुट्टियां घोषित होनी ही हैं, तो इस भीषण और जानलेवा गर्मी को देखते हुए प्रशासन को 5 या 6 दिन पहले ही तत्काल प्रभाव से स्कूलों में अवकाश घोषित कर देना चाहिए।
इस गंभीर स्थिति पर त्रिलोकपुर के रहने वाले राकेश कुमार ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मई के इस आखिरी हफ्ते में गर्मी का सितम इस कदर बढ़ चुका है कि छोटे बच्चों का स्कूलों में बैठना मुहाल हो गया है। बढ़ते तापमान के कारण स्कूली बच्चों में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), हीट थकावट और लू (Heat Stroke) लगने का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है। वहीं नाहन की रहने वाली सिमरन शर्मा का कहना है कि नाहन और आसपास के इलाकों में दोपहर होते-होते लू के थपेड़े बच्चों को बुरी तरह बीमार कर रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसे दमघोंटू मौसम में दोपहर की तीखी धूप में भारी-भरकम बैग टांगकर घर वापस लौटते समय मासूमों की तबीयत बिगड़ने का डर लगातार बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त, कालाअंब के रहने वाले अभिभावक विकास चौधरी ने प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा कि उनके औद्योगिक व मैदानी क्षेत्र में तपिश इतनी ज्यादा है कि केवल स्कूलों का समय बदलना अब नाकाफी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली कट और उमस के कारण कक्षाओं के भीतर भी बच्चे बेहाल हैं। वहीं पाँवटा साहिब के रहने वाले संदीप चौहान और स्थानीय निवासी मीनाक्षी पुंडीर ने संयुक्त रूप से कहा कि जब छुट्टियों में अब महज कुछ ही दिनों का समय बचा है, तो प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। इन 5-6 दिनों की ढील देकर बच्चों को इस भयानक तपन से बड़ी राहत दी जा सकती है। किसी बड़े हादसे या बच्चों के गंभीर रूप से बीमार होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते फैसला लेना जरूरी है।
इन सभी क्षेत्रों के रहने वाले अभिभावकों ने जिला प्रशासन से पुरजोर गुहार लगाई है कि जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में छोटे बच्चों के लिए समय से पहले ही गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया जाए। उनका कहना है कि इस समय बच्चों की पढ़ाई से ज्यादा उनका स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, इसलिए मासूम बच्चों को घरों के सुरक्षित माहौल में रखकर लू की चपेट में आने से बचाया जाना चाहिए।