राज्यपाल ने तंबाकू मुक्त हिमाचल अभियान का शुभारंभ किया

Photo of author

By Hills Post

शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन में यूथ फॉर वॉलंटरी एक्शन इन हिमाचल (युवाह) द्वारा आयोजित ‘तंबाकू मुक्त हिमाचल’ अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान प्रदेश के सभी 12 जिलों में चलाया जाएगा, जिसका प्रमुख उद्देश्य युवाओं और आमजन को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।

युवाह के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से भेंट कर उन्हें संगठन द्वारा चलाए जा रहे मिशन ‘यूथ फॉर राइज-नो टू ड्रग्स, यस टू पैशन’ की विस्तृत जानकारी दी। इस मिशन के अंतर्गत ‘तंबाकू मुक्त हिमाचल’ अभियान को सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यभर में आयोजित किए जा रहे जागरूकता अभियानों, जनसंपर्क कार्यक्रमों एवं विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि संगठन युवाओं, विद्यार्थियों तथा आमजन को तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए जमीनी स्तर पर निरंतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों, शैक्षणिक अभियानों और स्वयंसेवी पहलों के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के प्रयासों की भी जानकारी साझा की।

राज्यपाल ने संगठन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए युवाओं में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और जिम्मेदार समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक सामाजिक प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कविन्द्र गुप्ता ने टीम को भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया तथा अभियान की सफलता के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। उन्होंने मूल्य आधारित शिक्षा, सकारात्मक सोच और सामाजिक विकास गतिविधियों में युवाओं की रचनात्मक भागीदारी के महत्व पर भी बल दिया।

इस अवसर पर संगठन के सह-संस्थापक कपिल देव, संगठन समन्वयक एवं परियोजना समन्वयक रीता, राज्य कार्यकारिणी सदस्य गौरव ठाकुर, अवंतिका पाम्टा, पूजा ठाकुर, सान्या एवं यश दीक्षित सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

Photo of author

Hills Post

हम उन लोगों और विषयों के बारे में लिखने और आवाज़ बुलंद करने का प्रयास करते हैं जिन्हे मुख्यधारा के मीडिया में कम प्राथमिकता मिलती है ।