शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने रचा विकास का नया इतिहास: उपमुख्यमंत्री

Photo of author

By Hills Post

शिमला: उपमुख्यमंत्री ने आज मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में पिछले कुछ दशकों के दौरान अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश देश के अग्रणी शिक्षित राज्यों में शामिल है और शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में भी लगातार नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।

उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं का अभाव था तथा साक्षरता दर भी अत्यंत कम थी। विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। लेकिन दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप आज हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देशभर के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्रदर्शन में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी विद्यालयों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की पहल की है। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं और अवसरों के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। इसके लिए शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण और चयन की प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा का व्यापक विस्तार हुआ है। राज्य में विद्यालयों, महाविद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), नर्सिंग कॉलेजों तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिससे विशेष रूप से छात्राओं को लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा का आधार भी लगातार मजबूत हुआ है। आज हिमाचल प्रदेश में कृषि, बागवानी, इंजीनियरिंग और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों से संबंधित अनेक प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं। इन संस्थानों ने प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के प्रसार का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिला है। विद्यालयों और महाविद्यालयों की बढ़ती उपलब्धता के कारण छात्राओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ी है तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है।

उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीक, नवाचार और डिजिटल शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, कौशल और तकनीक का युग है। प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं और भविष्य में भी हिमाचल प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उपमुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा के क्षेत्र में जारी सुधारों और निवेश के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मॉडल के रूप में और अधिक मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

Photo of author

Hills Post

हम उन लोगों और विषयों के बारे में लिखने और आवाज़ बुलंद करने का प्रयास करते हैं जिन्हे मुख्यधारा के मीडिया में कम प्राथमिकता मिलती है ।