श्रद्धा के आगे बौनी पड़ी 89 KM की दूरी: पंजाब का ऑटो जब नाहन की पहाड़ियों में पहुँचा

नाहन : कहते हैं कि यदि मन में अटूट श्रद्धा और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो साधन और दूरी कभी आड़े नहीं आते। ऐसा ही एक दिलचस्प नज़ारा नाहन की सड़कों पर देखने को मिला, जब पंजाब के राजपुरा नंबर का एक ऑटो शहर के बीचों-बीच दौड़ता नज़र आया। अक्सर नाहन के पहाड़ी रास्तों पर जहाँ थ्री-व्हीलर या ऑटो दिखाई नहीं देते, वहाँ पंजाब से आए इस ऑटो को देखकर हर कोई हैरान रह गया।

यह ऑटो राजपुरा निवासी रणजीत कुमार का है। पेशे से ऑटो चालक रणजीत अपनी सवारियों को लेकर करीब 89 किलोमीटर का सफर तय कर नाहन के ऐतिहासिक ‘माता कालीस्थान मंदिर’ में माथा टेकने पहुँचे। जब रणजीत से इस लंबी यात्रा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़े सरल अंदाज में कहा कि रास्ता सीधा और सुगम था, इसलिए उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। हालांकि, नाहन के लोगों के लिए यह कौतूहल का विषय था कि एक छोटा थ्री-व्हीलर इतनी दूर से पहाड़ों तक कैसे पहुँच गया। रणजीत ने बताया कि माता के दरबार में दर्शन कर उन्हें जो शांति मिली, उसने रास्ते की सारी थकान मिटा दी।

जहाँ बाहरी राज्यों के ऑटो नाहन की सड़कों पर सुर्खियां बटोर रहे हैं, वहीं स्थानीय लोग लंबे समय से शहर के भीतर थ्री-व्हीलर सेवा शुरू होने का इंतज़ार कर रहे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए आरटीओ (RTO) सिरमौर ने बताया कि नाहन शहर के लिए सरकार की ओर से थ्री-व्हीलर संचालन की योजना (Scheme) तैयार कर ली गई है। हालांकि, कुछ तकनीकी क्लीयरेंस और सरकार की अंतिम गाइडलाइंस का इंतज़ार किया जा रहा है।

आरटीओ ने स्पष्ट किया कि जैसे ही मुख्यालय से इस संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, नाहन के लिए परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल, नाहन की जनता को शहर के भीतर सस्ते और सुलभ सफर के लिए थोड़ा और इंतज़ार करना होगा।

रणजीत कुमार की यह यात्रा न केवल उनकी भक्ति को दर्शाती है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि नाहन जैसे बढ़ते शहर में ऑटो या थ्री-व्हीलर जैसे छोटे वाहनों की कितनी आवश्यकता है। अब देखना यह होगा कि सरकार की योजना कब तक धरातल पर उतरती हैं।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।