नाहन : हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब स्थित फार्मास्युटिकल कंपनी वेलक्योर रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड में दवा उत्पादन तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए हैं। यह बड़ी कार्रवाई रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन (RBI) के दौरान फैक्टरी परिसर में निर्धारित मानकों और व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां पाए जाने के बाद अमल में लाई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फार्मा उद्योगों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और राज्य स्तर की संयुक्त टीमें समय-समय पर निरीक्षण करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत वेलक्योर रेमेडीज की कालाअंब इकाई की जांच की गई थी। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कंपनी में सभी प्रकार की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को रोकने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि वेलक्योर रेमेडीज विभिन्न फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन का निर्माण करती है, जिनमें मुख्य रूप से एंटीबायोटिक श्रेणी के उत्पाद, टैबलेट, ड्राई सिरप और इंजेक्शन शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, कंपनी द्वारा निरीक्षण में पाई गई कमियों को पूरी तरह दुरुस्त करने के बाद ही उत्पादन दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, किन विशिष्ट बिंदुओं पर कमियां पाई गई हैं और यह रोक कितने समय तक प्रभावी रहेगी, इसका पूरा ब्योरा आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य ड्रग नियंत्रक मनीष कपूर ने वेलक्योर रेमेडीज में उत्पादन रोकने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित सहायक ड्रग कंट्रोलर से संपर्क किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने कई बार फोन करने पर भी फोन रिसीव नहीं किया। रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन व्यवस्था के तहत जोखिम और अनुपालन रिकॉर्ड के आधार पर कंपनियों की जांच की जाती है, ताकि बाजार में बिकने वाली दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।