सोलन: जिला स्कूल प्रवक्ता संघ ने राज्य सरकार के उस नए आदेश का पुरजोर विरोध किया है, जिसमें प्रवक्ताओं (लेक्चरर) को छठी से दसवीं कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाने का फरमान जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस फैसले को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो उनके पास आंदोलन का रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

सोलन में प्रवक्ता संघ के जिला प्रधान जयलाल जलपाईक की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान सरकार के इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की गई। संघ ने इसे पूरी तरह एक ‘तुगलगी फरमान’ करार दिया। संघ के प्रधान ने रोष जताते हुए कहा कि पहले ही प्रवक्ताओं का आधा साल चुनावी और जनगणना की ड्यूटियों में बीत चुका है, जिससे पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के अव्यावहारिक आदेश जारी कर रही है।
रिक्त पदों को भरने और एरियर जारी करने की मांग
इस बैठक के माध्यम से संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें मांग की गई है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रवक्ताओं के खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था को सही मायने में सुदृढ़ बनाया जा सके।
इसके साथ ही संघ ने वित्तीय हितों की पैरवी करते हुए मांग उठाई है कि सरकार वर्ष 2022 से लंबित प्रवक्ताओं के नए पे-कमीशन का एरियर और महंगाई भत्ता (डीए) तुरंत जारी करे। इस बैठक में प्रवक्ता संघ के राज्य सलाहकार चंद्रदेव ठाकुर, जिला महासचिव हेमंत शर्मा, सोहन वर्मा, संदीप चंदेल, लेखराज, विनोद चौहान, सुशील शर्मा, कमलेश भारद्वाज, कपिल और संदीप ठाकुर सहित कई अन्य सदस्य व पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।