नाहन : ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उसे सही मार्गदर्शन और तराशने वाले हुनर की जरूरत होती है। इस बात को एक बार फिर सच कर दिखाया है सिरमौर जिले के दूरस्थ क्षेत्र हरिपुरधार में स्थित BLR Academy के होनहार विद्यार्थियों ने। जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) प्रवेश परीक्षा 2026 के घोषित परिणामों में अकादमी के 5 विद्यार्थियों ने शानदार रैंक के साथ सफलता का परचम लहराया है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही पिछले 4 वर्षों में इस छोटे से क्षेत्र से नवोदय विद्यालय के लिए चयनित होने वाले कुल बच्चों की संख्या 37 तक पहुंच चुकी है। वहीं संस्थान के खाते में अब तक JNV, सैनिक स्कूल, RMS और अन्य स्कॉलरशिप परीक्षाओं को मिलाकर कुल 105 से अधिक चयन और क्वालिफिकेशन्स दर्ज हो चुके हैं।
इस वर्ष चयनित हुए विद्यार्थियों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही बैच के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अकादमी की होनहार छात्रा अर्पिता ने ऑनलाइन बैच से पूरे क्षेत्र में तीसरा स्थान हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही ऑनलाइन बैच से ही कुदरत चौहान ने 17वां स्थान, वत्सव सिंह सूर्या ने 38वां स्थान और वंशिका ने 70वां स्थान प्राप्त किया है। वहीं ऑफलाइन बैच से इशिका ठाकुर ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 37वां स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा को साबित किया है।

इस शानदार उपलब्धि पर बेहद भावुक और संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए संस्थान के प्रबंधन ने कहा कि शायद बड़े शहरों के लिए यह केवल एक आंकड़ा मात्र हो, लेकिन एक दूरस्थ, कठिन और ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह उन सपनों की जीत है, जो सीमित संसाधनों के बीच भी हार मानना नहीं जानते। इसके साथ ही उन्होंने पूरी ईमानदारी से परिणामों का विश्लेषण करते हुए यह भी स्वीकार किया कि इस बार का परिणाम उनकी उम्मीदों के बिल्कुल अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने कहा कि समय के साथ प्रतियोगिता पहले से कहीं अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण हो चुकी है।
संस्थान का मानना है कि विशेषकर सामान्य वर्ग में सिर्फ 10 वर्ष की मासूम उम्र में बच्चों को इस स्तर तक तैयार करना, जहाँ वे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में अपनी जगह बना सकें, कोई आसान काम नहीं है। यह सालों की ईमानदार मेहनत, धैर्य और निरंतर संघर्ष का परिणाम होता है। BLR Academy हमेशा परिणामों से अधिक सीखने और सिखाने की प्रक्रिया पर विश्वास करती है। संस्थान को अपने हर एक विद्यार्थी पर गर्व है—चाहे उसका चयन हुआ हो या नहीं, क्योंकि इस छोटी उम्र में इतनी बड़ी परीक्षा में बैठकर प्रयास करना ही अपने आप में बड़े साहस की बात है।
अब संस्थान ने एक नई दृष्टि, नई रणनीति और पहले से अधिक मजबूत तैयारी के साथ अगले सत्र की शुरुआत करने का संकल्प लिया है ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को और बेहतर भविष्य दिया जा सके। आगामी सत्र के लिए संस्थान में ऑनलाइन कक्षाएं 16 जुलाई से और ऑफलाइन कक्षाएं 10 अगस्त से शुरू होने जा रही हैं।