हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब: 5 दिनों में 8.75 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

शिमला : हिमाचल प्रदेश के पवित्र मंदिरों में चैत्र नवरात्रि के दौरान आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। 30 मार्च से 3 अप्रैल 2025 तक प्रदेश के विभिन्न शक्तिपीठों और मंदिरों में 8.75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। इस दौरान 61,000 से ज्यादा वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई, जो इस बात का प्रमाण है कि देवभूमि हिमाचल में श्रद्धा और भक्ति का ज्वार पूरे उफान पर है।

प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। कांगड़ा जिले के श्री ज्वालाजी मंदिर में सबसे अधिक 3,34,708 भक्तों ने माता के दर्शन किए। वहीं, ऊना के श्री चिंतपूर्णी मंदिर में 1,58,100 और सिरमौर के श्री माता बाला सुंदरी मंदिर में 2,05,500 श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाया। बिलासपुर के श्री नैना देवी जी मंदिर में 64,500, कांगड़ा के श्री चामुंडा देवी मंदिर में 45,000, श्री ब्रजेश्वरी देवी मंदिर में 42,450 और श्री बंगलामुखी मंदिर में 25,150 भक्तों ने माता की आराधना की।

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस विशाल भीड़ को संभालने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शानदार कार्य किया। मंदिर परिसरों से लेकर सड़कों तक पुलिस की तैनाती ने यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाया। हिमाचल पुलिस ने कहा, “हम नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सेवा करना हमारा सौभाग्य है।”

चैत्र नवरात्रि के पहले पांच दिनों में मंदिरों के बाहर लंबी कतारें, माता के जयकारों से गूंजता वातावरण और भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है, जो हिमाचल की धार्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।