शिमला: ए.पी.जी. शिमला विश्वविद्यालय (Alakh Prakash Goyal Shimla University) के स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च द्वारा शिमला के राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा में एक विशेष कानूनी सहायता एवं कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज के बीच कानूनी अधिकारों, न्याय तक सुलभ पहुंच तथा मुफ्त कानूनी सहायता के महत्व के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाना रहा।

विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और विचार
इस कार्यक्रम में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के बी.ए.एल.एल.बी. (BALLB) एवं एल.एल.बी. (LLB) पाठ्यक्रमों के 13 से 14 मेधावी विद्यार्थियों ने बहुत ही सक्रिय रूप से भाग लिया। इन विद्यार्थियों के साथ स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च के संकाय सदस्य विशाल ठाकुर और सुश्री रंजीता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कानूनी सहायता, उनके मूल कानूनी अधिकारों, न्याय पाने की प्रक्रिया और समाज में कानूनी जागरूकता की आवश्यकता जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने इस बात पर जोर दिया कि देश के प्रत्येक नागरिक को अपने कानूनी अधिकारों की बुनियादी जानकारी होना बेहद आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर वह उचित कानूनी सहायता प्राप्त कर सके।
कार्यक्रम में आर्य रत्न, कुश शर्मा, सेजल, पायल शर्मा, अरमान भोरटा, अंकित शर्मा, सुनील, अभिनव नामता, रोहित और कृष्ण सहित कई अन्य विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने विशेष रूप से समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक मुफ्त कानूनी सहायता तथा सही जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह जागरूकता लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाती है और उन्हें न्याय प्राप्त करने के सही माध्यमों की जानकारी देती है।
व्यावहारिक अनुभव और कॉलेज का सहयोग
इस शैक्षणिक गतिविधि के माध्यम से विधि के विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की चारदीवारी से बाहर निकलकर व्यावहारिक एवं अकादमिक अनुभव प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिला। उन्होंने कोटशेरा कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद करते हुए कानूनी सहायता से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बारीकी से समझा। इस कार्यक्रम के सफल समन्वय और आयोजन में राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय (कोटशेरा) की ओर से डॉ. प्यारे लाल और सुश्री प्रगति का अत्यंत महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिसके लिए एपीजी शिमला विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उनका आभार व्यक्त किया।
यह पूरी पहल एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक कानूनी शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें मजबूत सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जाती है। इस प्रकार के आयोजनों से भावी वकीलों को समाज सेवा और न्याय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव मिलता है।