सोलन: एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, सोलन एवं एल.एल.आर. एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा LiFE – पर्यावरण के लिए जीवनशैली पहल के अंतर्गत राज्य स्तरीय पर्यावरण कॉन्क्लेव एवं हिमाचल क्लाइमेट एक्शन अवार्ड 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्यवाही, सतत विकास, हरित नवाचार और जनभागीदारी को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति डॉ. हरमिंदर सिंह बावेजा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में स्कूल ऑफ इंस्पायर्ड लीडरशिप के बोर्ड सदस्य योगेश ऐंडले उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. बावेजा ने युवाओं को जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषयों पर सक्रिय होने, नशे से दूर रहने और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्यों पर एकाग्र रहने का संदेश दिया। वहीं विशिष्ट अतिथि योगेश ऐंडले ने छात्रों को भविष्य का ‘चेंज मेकर’ बताते हुए नेतृत्व कौशल विकसित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल गौतम, प्रसिद्ध जलभूविज्ञानी डॉ. रितेश आर्य तथा अर्थ डे नेटवर्क के युवा मामलों के प्रबंधक रुमित वालिया ने विशेषज्ञ निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। साथ ही डॉ. परविंदर कौर बावेजा और वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के.के. रैना भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कॉन्क्लेव के दौरान प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर अपने शोध व नवाचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के आधार पर अल्पाइन पब्लिक स्कूल की श्रुति रघुवंशी, समृद्धि, हरसिमरन कौर एवं अराधना संधु ने प्रथम स्थान हासिल किया। दून वैली पब्लिक स्कूल नालागढ़ की शोदशी शर्मा और डीएवी सोलन की अर्शिया संयुक्त रूप से द्वितीय रहीं, जबकि डीएवी सोलन की प्रिधि ठाकुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शोध पत्रों व ई-पोस्टर प्रस्तुतियों के मूल्यांकन में डॉ. टी.डी. वर्मा, डॉ. अमित शर्मा एवं डॉ. सुरभि शर्मा ने चेयरपर्सन की भूमिका निभाई।

समारोह में पर्यावरण एवं सतत विकास प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय स्टार्टअप्स, महिला स्वयं सहायता समूहों और प्राकृतिक खेती से जुड़े संगठनों ने पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन किया। एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की प्रबंध निदेशक सुश्री शचि सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक दिन का कार्य नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की निरंतर जिम्मेदारी है। उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग से बचने, जल संरक्षण और स्वच्छता को व्यक्तिगत स्तर पर अपनाने की अपील की।
संस्थान के निदेशक व प्राध्यापक डॉ. पी.पी. शर्मा, डॉ. सुरेश चौहान, डॉ. कंचन बाला जसवाल, डॉ. अवनीत गुप्ता, डॉ. श्वेता संधू, सूरत सिंह, डॉ. सुनील देश्टा और हुसैन जैदी सहित समस्त स्टाफ की उपस्थिति में कार्यक्रम का समापन सतत बदलाव के संकल्प के साथ हुआ।