सोलन: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून के लिए गठित राज्य गठबंधन, हिमाचल प्रदेश की सोलन विधानसभा इकाई ने उपमंडलीय दंडाधिकारी (SDM) के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में शीघ्र अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून (SC/ST Development Fund Act) लागू करने की पुरजोर मांग की है।

ज्ञापन में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और राजस्थान की तर्ज पर राज्य के कुल योजना बजट में से अनुसूचित जाति व जनजाति की जनसंख्या के अनुपात में बजट आवंटन अनिवार्य करने की मांग की गई है। साथ ही, इस आवंटित राशि का पारदर्शी व जवाबदेह उपयोग केवल एससी/एसटी वर्ग के सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक उत्थान के लिए सुनिश्चित करने और भूमिहीन परिवारों को आवासीय एवं कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।
गठबंधन के जिला संयोजक विनोद कुमार ने बताया कि वर्ष 1980 में विशेष घटक योजना शुरू होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में इन प्रावधानों को पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया। पिछले पांच वर्षों में यह बजटीय आवंटन केवल करीब 5 प्रतिशत तक सीमित रहा है और आवंटित धनराशि का एक बड़ा हिस्सा अपने वास्तविक उद्देश्यों पर खर्च नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने याद दिलाया कि गठबंधन द्वारा 11 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्तावित विधेयक का मसौदा सौंपा जा चुका है और विधानसभा के 17 में से 15 विधायकों ने भी इसका समर्थन किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आगामी विधानसभा सत्र में इस संबंध में वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने की अपील की।
इस अवसर पर जिला संयोजक विनोद कुमार, बक्शी चंद, गिरधारी लाल, अत्तार सिंह कसवाल, गुलाब सिंह, मनोज कुमार, रेनू सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि जब तक विकास निधि के लिए कानूनी प्रावधान सुनिश्चित नहीं हो जाते, तब तक लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से यह अभियान जारी रहेगा।