कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के बाद पुलिस ने नशा तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। इसी कड़ी में कांगड़ा जिले के पुलिस जिला नूरपुर में कार्रवाई करते हुए एक ड्रग तस्कर की 74.12 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी गई है। पुलिस के इस अहम कदम को नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से भी मंजूरी मिल गई है।

नूरपुर पुलिस के एक प्रवक्ता के अनुसार मादक पदार्थों से जुड़े एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी संपत्तियों की गहराई से वित्तीय जांच की गई थी। यह देखा गया कि आरोपी ने किन पैसों से यह संपत्ति बनाई है। जांच में सही तथ्य सामने आने के बाद पुलिस थाना ज्वाली ने 18 सितंबर 2026 को एनडीपीएस एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया था। कुर्क की गई इस संपत्ति में ज्वाली तहसील के तहत आने वाले लभ गांव में स्थित एक दो मंजिला आवासीय और व्यावसायिक इमारत शामिल है। करीब 68.99 लाख रुपये की कीमत वाली इस इमारत में सात दुकानें भी बनी हुई हैं। इसके अलावा साल 2019 में करीब पांच लाख रुपये में खरीदा गया एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया है। आरोपी इस ट्रैक्टर को खरीदने के लिए पैसों का सही स्रोत साबित नहीं कर पाया और उसके मौजूदा आयकर रिटर्न भी इसकी पुष्टि करने के लिए काफी नहीं थे।
नूरपुर पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ एक व्यापक रणनीति के तहत काम कर रही है जिसमें सिर्फ तस्करों को गिरफ्तार करना ही शामिल नहीं है बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी ज़ब्त किया जा रहा है। अब तक पुलिस इस अभियान के तहत लगभग 30.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। पुलिस का मानना है कि नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने से इस अवैध धंधे को जड़ से खत्म करने में सबसे ज्यादा मदद मिलेगी। इसके साथ ही पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नशे के कारोबार और ऐसी संदिग्ध संपत्तियों के बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें ताकि समाज को नशामुक्त बनाया जा सके।