द लॉरेंस स्कूल, सनावर में गांधी जयंती पर विशेष सभा आयोजित

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By Hills Post

सोलन: प्रसिद्ध द लॉरेंस स्कूल, सनावर में अपने 179वें संस्थापक दिवस समारोह की शुरुआत से ठीक एक दिन पूर्व गांधी जयंती को एक विशेष और भव्य सभा के साथ अत्यंत श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। ऐतिहासिक खेत्रपाल स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में 700 से अधिक विद्यार्थियों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया और स्वच्छता को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से स्वच्छता शपथ लेते हुए अपने विद्यालय परिसर और आसपास के वातावरण को हमेशा स्वच्छ रखने का संकल्प दोहराया। इसके पश्चात विद्यालय के कॉयर द्वारा मधुर राम धुन प्रस्तुत की गई, जिसने समूचे वातावरण को महात्मा गांधी के सत्य, शांति, सादगी और सेवा के महान आदर्शों से सराबोर कर दिया।

विद्यालय की हेड गर्ल मानसी कश्यप और हेड बॉय श्रद्धान सिंह ने अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में अपने ओजस्वी संबोधन दिए। उन्होंने गांधी जयंती के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गांधी के विचार आज के आधुनिक युग में भी राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और एक शांतिपूर्ण विश्व की स्थापना के लिए अत्यधिक प्रासंगिक हैं।

इस अवसर पर विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस श्रीमती रुचि प्रधान दत्ता ने ‘If I Were Gandhi’ निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। इस प्रतियोगिता में समरबीर नकई ने प्रथम, संजीवन जोत कौर आहूजा ने द्वितीय और जैस्मिन अरोड़ा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इसके साथ ही, विद्यालय परिसर को साफ-सुथरा रखने में अपना समर्पित योगदान देने वाले सफाई मित्रों रमेश, सूरज, मुनीश और विकेश को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए गए। सेवारत रक्षा बलों (Serving Defence Personnel) के बच्चों के लिए पी.के. कोहली छात्रवृत्ति कक्षा V से XI तक सर्वाधिक समग्र अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की गई।

कैथरीन लॉन्गमैन पब्लिक स्पीकिंग ट्रॉफी 2025 और चीफ ऑफ द एयर स्टाफ ट्रॉफी फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस दोनों ही प्रतिष्ठित ट्रॉफियां हिमालय हाउस ने अपने नाम कीं।

सभा को संबोधित करते हुए हेडमिस्ट्रेस श्रीमती रुचि प्रधान दत्ता ने कहा कि महात्मा गांधी ने पूरी दुनिया को यह सिखाया है कि मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति शारीरिक सामर्थ्य नहीं, बल्कि उसका नैतिक साहस, समझ, क्षमा और सेवा की भावना है। उन्होंने विद्यार्थियों को इन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।

गांधी जयंती का यह गरिमामयी आयोजन द लॉरेंस स्कूल के आगामी 179वें संस्थापक दिवस समारोह के लिए एक बेहद प्रेरणादायी और ऊर्जावान शुरुआत साबित हुआ।

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