सोलन: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजैहरा उपमंडल नालागढ़ में 14वीं बटालियन एनडीआरएफ नालागढ़ कंपनी की छह सदस्यीय टीम द्वारा एक विशेष आपदा प्रबंधन एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इंस्पेक्टर अभिमन्यु के नेतृत्व में आई टीम ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदाओं से बचाव और प्राथमिक उपचार के तरीकों से अवगत कराया। टीम ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में एनडीआरएफ का मुख्यालय जसूर कांगड़ा में स्थित है। हिमाचल प्रदेश आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है, इसलिए यहाँ आपदा प्रबंधन के प्रति अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्ष 1905 के कांगड़ा भूकंप का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार उस त्रासदी में लगभग 20 हजार लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

एनडीआरएफ टीम ने प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। टीम ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपदा के दौरान सबसे पहले अपने सिर का बचाव करना चाहिए, क्योंकि मस्तिष्क में गंभीर चोट लगने से जीवन भर की विकलांगता या मृत्यु हो सकती है। इसके अतिरिक्त चोट लगने पर रक्तस्राव को नियंत्रित करना, घाव की ड्रेसिंग करना, सांप के काटने पर बचाव के उपाय और हार्ट अटैक की स्थिति में सही तरीके से सीपीआर (CPR) देने की तकनीक सिखाई गई। आपात स्थिति में कंबल, बोरी या टी-शर्ट का उपयोग करके तुरंत स्ट्रेचर बनाने और फ्रैक्चर से पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने के तरीके भी बताए गए। साथ ही भूस्खलन में दबे लोगों को बाहर निकालने, आग बुझाने की तकनीकों और सुरक्षा नियमों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता ने एनडीआरएफ टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यावहारिक जानकारी विद्यार्थियों के जीवन की सुरक्षा के लिए बेहद उपयोगी है। उन्होंने बताया कि स्कूल में भी हाल ही में आपदा से निपटने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न कमेटियों ने मुस्तैदी से काम करते हुए बच्चों को भूकंप के दौरान थैलों से सिर ढंककर खुले मैदान में जाने और प्राथमिक चिकित्सा देने का अभ्यास कराया था। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त अध्यापकीय एवं गैर-अध्यापकीय स्टाफ उपस्थित रहा।