नाहन : ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी नाहन के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ कालीस्थान मंदिर में शारदीय नवरात्र मेले के पावन अवसर पर निस्वार्थ सेवा, निष्काम भक्ति और आपसी भाईचारे की एक बेहद खूबसूरत मिसाल देखने को मिल रही है। गोविंदगढ़ (नाहन) निवासी कुलवंत सिंह (पुत्र परमजीत सिंह) पहले नवरात्रे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार अपनी सेवाएं समर्पित कर रहे हैं।
कुलवंत सिंह रोजाना सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे तक (लगातार 12 घंटे) मंदिर के बाहर (जूता-चप्पल स्टैंड) में सेवा निभा रहे हैं। नवरात्र के दौरान मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच वे सभी के जूते-चप्पल पूरी जिम्मेदारी, सुरक्षा और व्यवस्थित ढंग से संभालने का कार्य कर रहे हैं। सबसे खास और सराहनीय बात यह है कि यह पूरी सेवा पूरी तरह से निःशुल्क और विशुद्ध रूप से निष्काम भावना के साथ दी जा रही है।

मंदिर में माता के दर्शनों के लिए दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु कुलवंत सिंह इस लगन, नम्रता और सेवा भावना की मुक्तकंठ से सराहना कर रहे हैं। बिना किसी स्वार्थ और बिना किसी शुल्क के लगातार 12 घंटे तक कड़ी मेहनत से सेवा देना आज के समय में समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
उनकी यह निस्वार्थ पहल न केवल धार्मिक सौहार्द और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि मानवता और समाज की निःशुल्क सेवा ही ईश्वर की सबसे सच्ची भक्ति है। मंदिर परिसर में आने वाले हर श्रद्धालु के चेहरे पर उनकी इस निस्वार्थ सेवा के प्रति गहरा सम्मान दिखाई दे रहा है।