नाहन : ऐतिहासिक शहर नाहन की ज्वलंत समस्याओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर पहाड़ी शिवालिक जनकल्याण संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने जिला प्रशासन को एक मांगपत्र सौंपा और शहर की यातायात व्यवस्था, खेल मैदानों की उपलब्धता, लावारिस पशुओं के आतंक तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे पहाड़ी शिवालिक जनकल्याण संगठन के अध्यक्ष योगी (योगेश) ठाकुर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सेना, पुलिस तथा अन्य अर्धसैनिक बलों की भर्ती परीक्षा की तैयारी करने वाले स्थानीय युवाओं को अभ्यास के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐतिहासिक चौगान मैदान में वर्ष भर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक व सरकारी कार्यक्रमों और मेलों का आयोजन होता रहता है, जिससे खेल परिसर व्यस्त रहता है। ऐसे में युवाओं को दौड़ और शारीरिक दक्षता के नियमित अभ्यास के लिए पर्याप्त समय और जगह नहीं मिल पाती। संगठन ने मांग की है कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए चंबा मैदान को 24 घंटे खुला रखा जाए ताकि अभ्यर्थी किसी भी समय अपनी तैयारी कर सकें।

संगठन ने शहर के मुख्य बाजार में दिन-प्रतिदिन बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर भी गहरा ध्यान आकर्षित किया। अध्यक्ष योगी ठाकुर ने सुझाव दिया कि नाहन के संकरे मुख्य बाजार में वाहनों के दबाव को कम करने और पैदल चलने वाले खरीदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सुबह 8:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक बाजार क्षेत्र में दोपहिया वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोका जाए ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके और दुर्घटनाओं का अंदेशा न रहे।
इसके अलावा, नाहन शहर में बेसहारा एवं आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए संगठन ने कहा कि सड़कों व गलियों में घूमते पशु आम जनता और दुकानदारों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं और बुजुर्गों व बच्चों का चलना मुहाल हो गया है। संगठन ने प्रशासन से लावारिस मवेशियों को शेल्टर होम में शिफ्ट करने और इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने की अपील की है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे पर बात करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज नाहन में लंबे समय से चल रही चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। संगठन ने कहा कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद स्टाफ की कमी के कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। पहाड़ी शिवालिक जनकल्याण संगठन ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं की गईं, तो संगठन जनहित में उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होगा।