नाहन : कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने केंद्र सरकार की नीतियों और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़ा आरोप लगाया है। सोमवार को नाहन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को मिला मताधिकार सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी से देश और प्रदेश का भविष्य तय होता है। हालांकि, मौजूदा केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से आज बड़ी संख्या में पात्र मतदाता अपने इस संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करने से वंचित हो रहे हैं। सोलंकी ने दावा किया कि कथित रूप से करीब 13 करोड़ लोगों को वोट देने के अधिकार से दूर रखा गया है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक पहलू है।
विधायक सोलंकी ने विशेष रूप से प्रवासी युवाओं की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि रोजगार और आजीविका की तलाश में लाखों युवा अपने गृह राज्य छोड़कर दूसरे प्रदेशों में जाकर रहते हैं। ऐसे में उनके मतदान के अधिकार और मतदाता सूची से जुड़े नियमों पर सरकार को बेहद गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि देश का युवा अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं का अनुचित इस्तेमाल कर निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है, जिसके खिलाफ कांग्रेस पूरे देश में पुरजोर आवाज़ बुलंद करेगी।

लोकतांत्रिक व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए सोलंकी ने युवाओं और आम जनता से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की अपील की। उन्होंने जानकारी दी कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर 1 नवंबर को नई दिल्ली में ‘लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
सोलंकी ने आमजन और युवाओं से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर शामिल होने का आह्वान किया। इस प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कंवर नरदेव सिंह, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता रूपेंद्र ठाकुर, जिला अध्यक्ष आनंद परमार, नगर परिषद अध्यक्ष उपमा धीमान, प्रदेश प्रवक्ता उषा तोमर और मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद समेत कई प्रमुख कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।