नाहन : केंद्र सरकार की AMRUT योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के नाहन शहर स्थित वार्ड नंबर 5 के बुनियादी ढांचे और पेयजल वितरण प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। इस योजना के तहत लगभग ₹10 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिसके माध्यम से वार्ड को ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (IoT) आधारित स्मार्ट सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है, ताकि इसकी सफलता का मूल्यांकन करने के बाद इसे शहर के अन्य वार्डों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।
परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य शहर के पेयजल प्रबंधन को सुधारना और रियासतकालीन जल भंडारण बुनियादी ढांचे का जीर्णोद्धार करना है। जल शक्ति विभाग सिरमौर के अधीक्षण अभियंता ई. राजीव कुमार के अनुसार, नाहन के तीन प्रमुख ऐतिहासिक स्टोरेज टैंकों का नवीनीकरण किया जा रहा है। ये टैंक रियासत काल के दौरान बनाए गए थे, जहां वर्तमान में सीमित कार्यक्षेत्र और पुरानी संरचना के कारण लगातार लीकेज की समस्या सामने आ रही थी। IoT तकनीक के माध्यम से पानी के रिसाव, प्रवाह और वितरण की डिजिटल निगरानी संभव हो सकेगी।

विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से नाहन शहर में पानी की बर्बादी को रोका जा सकेगा और नागरिकों को अधिक पारदर्शी व सुचारू पेयजल आपूर्ति प्रदान की जा सकेगी। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो नगर निगम और जल शक्ति विभाग इसे मॉडल मानकर नाहन के अन्य सभी वार्डों में भी विस्तारित करेंगे।