पुराने कब्जों वाले गरीबों के लिए नीति बनाएगी सरकार: मुख्यमंत्री

Photo of author

By Hills Post

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज अपने गृह जिला हमीरपुर के विकास को नई रफ्तार देते हुए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन किए। उन्होंने हमीरपुर में लगभग 19.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले आधुनिक नगर निगम कार्यालय भवन की आधारशिला रखी। इसके साथ ही, छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-फहड़ी धारकों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए करीब 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित दुकानों व ग्रामीण हाट का भव्य उद्घाटन भी किया।

उद्घाटन के उपरांत हमीरपुर टाउन हॉल में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गरीब और भूमिहीन वर्ग के लिए एक बड़ी मानवीय घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर कई वर्षों से बसे गरीब व भूमिहीन लोगों के आशियानों को रियायत व कानूनी संरक्षण देने के लिए प्रदेश सरकार एक विशेष नीति बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है ताकि इन परिवारों को बेघर होने से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार वर्तमान में अतिक्रमण के मामलों के संबंध में उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का बारीकी से अध्ययन कर रही है और इसके बाद जनहित में एक उचित व ठोस निर्णय लिया जाएगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा को अपनी सरकार का कोर एजेंडा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कालेजों में अत्याधुनिक मशीनें स्थापित करने और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों व प्रोफेसरों की भर्ती पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की जनता को राज्य के भीतर ही दिल्ली एम्स और पीजीआई चंडीगढ़ के स्तर की विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

इन चिकित्सा संस्थानों की प्रयोगशालाओं को पूरी तरह ऑटोमेटेड और मॉडर्न बनाने के लिए सरकार 125 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
निजी अस्पतालों में अत्यंत महंगी होने वाली रोबोटिक सर्जरी को प्रदेश सरकार आम मरीजों के लिए बेहद कम खर्च और रियायती दरों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध करवा रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटों में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक सशक्त होंगी।

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि यूपीए शासनकाल के दौरान उन्होंने स्वयं तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद से व्यक्तिगत प्रयास कर हमीरपुर के लिए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत करवाया था। वर्तमान प्रदेश सरकार इस कॉलेज के निर्माण के लिए अब तक लगभग 500 करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुकी है और जोल सप्पड़ में बन रहे इसके नए अत्याधुनिक परिसर में कॉलेज का संचालन जल्द ही विधिवत रूप से आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि हिमकेयर योजना को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि इस योजना के नाम पर पिछली अवधियों में हुए बड़े घोटालों का पर्दाफाश कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा क्षेत्र के सुधारों का जिक्र करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गुणात्मक सुधार और सीबीएसई (CBSE) पैटर्न लागू करने से सरकारी विद्यालयों में छात्रों के प्रति विश्वास लौटा है, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की संख्या में लगभग 24 हजार की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) और नवनिर्मित हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA) के माध्यम से सभी सरकारी भर्तियों में पूर्ण पारदर्शिता और मैरिट सुनिश्चित कर प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के साथ न्याय किया गया है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि किशाऊ बांध परियोजना, विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं और ऐतिहासिक वाइल्ड फ्लावर हॉल जैसे बड़े कानूनी मामलों में प्रदेश सरकार ने अदालतों व मंचों पर दृढ़ता के साथ हिमाचल का पक्ष रखा, जिससे राज्य के हितों की रक्षा हुई और प्रदेश के खजाने को अरबों रुपये का राजस्व मिलना तय हुआ है।

नगर निगम हमीरपुर के दायरे में शामिल किए गए नए ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोगों को अगले पांच साल तक किसी भी प्रकार का स्थानीय कर (टैक्स) नहीं देना होगा। हमीरपुर में लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के सबसे बड़े और आधुनिक बस अड्डे का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

वर्तमान पुराने बस अड्डे की खाली होने वाली प्राइम लोकेशन पर लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य व अत्याधुनिक ‘सिटी सेंटर’ का निर्माण किया जाएगा। इस बहुमंजिला परिसर में शहरवासियों और पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास शॉपिंग, मनोरंजन जोन, मल्टीप्लेक्स और विशाल पार्किंग जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुराने प्रभावित व्यवसायियों को इसी सिटी सेंटर या अन्य उपयुक्त स्थानों पर पूरी प्राथमिकता के साथ समायोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि हमीरपुर के महत्व को देखते हुए विभिन्न सरकारी विभागों, निगमों और बोर्डों के पांच राज्य स्तरीय कार्यालय यहीं स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने शहर में ऐतिहासिक दशहरा उत्सव व अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए एक भव्य मैदान/जगह विकसित करने की घोषणा की और स्थानीय रेहड़ी-फहड़ी धारकों के सुचारू पुनर्वास का भरोसा दिया।

हमीरपुर टाउन हॉल के इस गरिमामयी समारोह में स्थानीय विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं वरिष्ठ कर्मचारी नेता नरेश ठाकुर, अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, ओबीसी आयोग के सदस्य राजीव राणा उपस्थित रहे। इनके अलावा एपीएमसी अध्यक्ष अजय शर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमन भारती, वरिष्ठ नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, सुभाष ढटवालिया, पूर्व विधायक मनजीत डोगरा, हमीरपुर की उपायुक्त (डीसी) गंधर्वा राठौड़, पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व हजारों की संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रही।

Photo of author

Hills Post

हम उन लोगों और विषयों के बारे में लिखने और आवाज़ बुलंद करने का प्रयास करते हैं जिन्हे मुख्यधारा के मीडिया में कम प्राथमिकता मिलती है ।