सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित निजी शिक्षण संस्थान शूलिनी यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। बेंगलुरु के ताज यशवंतपुर में आयोजित ICF इंडिया कोचिंग कॉन्क्लेव’ के दौरान शूलिनी यूनिवर्सिटी को युवाओं को सशक्त बनाने और उनके असाधारण विकास के लिए ऑर्गनाइज़ेशन/यूनिवर्सिटी कैटेगरी में प्रतिष्ठित ICF इंडिया कोचिंग एक्सीलेंस अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है।

यह प्रतिष्ठित पुरस्कार इंटरनेशनल कोचिंग फेडरेशन (ICF) इंडिया की देखरेख में प्रदान किया जाता है, जो दुनिया की सबसे सम्मानित और अग्रणी प्रोफेशनल कोचिंग संस्थाओं में से एक है। यह अवार्ड उन गिने-चुने संस्थानों को मान्यता देता है जिन्होंने कोचिंग तकनीकों के जरिए समाज, कॉर्पोरेट या युवाओं के विकास में व्यापक सकारात्मक बदलाव और बेहतरीन असर दिखाया है।
शूलिनी यूनिवर्सिटी का कोचिंग और लीडरशिप के क्षेत्र में राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक का सफर बेहद शानदार रहा है। वर्ष 2022 में पहले ICF इंडिया कोचिंग एक्सीलेंस अवार्ड्स में शूलिनी को देश की दिग्गज कंपनी CEAT टायर्स जैसी संस्थाओं के साथ ऑनरेबल मेंशन प्राप्त हुआ था।
वर्ष 2024 में यूनिवर्सिटी ने कदम आगे बढ़ाते हुए ICF कोचिंग इम्पैक्ट अवार्ड्स में सोशल इम्पैक्ट कैटेगरी के तहत ग्लोबल ऑनरेबल मेंशन हासिल कर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान दर्ज कराई। वर्ष 2026 में इस यूनिवर्सिटी ने सभी को पछाड़ते हुए मुख्य ‘कोचिंग एक्सीलेंस अवार्ड’ पर कब्जा जमाकर इस विधा में अपनी राष्ट्रीय सर्वोच्चता साबित की।
इस ऐतिहासिक गौरवपूर्ण क्षण पर शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर (कुलपति) प्रो. अतुल खोसला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का हमेशा से यह दृढ़ मानना रहा है कि सच्ची शिक्षा को न केवल बौद्धिक उत्कृष्टता बल्कि मानवीय उत्कृष्टता को भी बढ़ावा देना चाहिए। ICF इकोसिस्टम से मिला यह सर्वोच्च सम्मान लीडरशिप, सहानुभूति, इनोवेशन और समाज पर सार्थक प्रभाव डालने वाले यूनिवर्सिटी कल्चर को बनाने के हमारे संकल्प को और ज्यादा मजबूती प्रदान करता है।
शूलिनी यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग’ की डायरेक्टर पायल जिंदल खन्ना ने पुरस्कार पर गर्व जताते हुए कहा कि कोचिंग में युवाओं के खुद को देखने, अपनी छिपी हुई लीडरशिप क्षमता को पहचानने और अपने भविष्य को गढ़ने के नजरिए को पूरी तरह बदलने की अद्भुत ताकत है।