शूलिनी यूनिवर्सिटी में YSS बाल एवं किशोर शिविर 2026 की तैयारियां पूरी

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By Hills Post

सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय और योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया (YSS) के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 31 मई से 6 जून 2026 तक एक विशेष बाल एवं किशोर शिविर 2026 का आयोजन किया जा रहा है। एक सप्ताह तक चलने वाले इस आवासीय शिविर में देश भर से 200 से अधिक युवा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। शिविर का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी का समग्र विकास, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन जीने के जरूरी कौशल (लाइफ स्किल्स) सिखाना है।

यह शिविर विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक पुस्तक ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी के लेखक श्री श्री परमहंस योगानन्दजी के शैक्षिक आदर्शों से प्रेरित है। योगानन्दजी ने हमेशा युवाओं के शरीर, मन और आत्मा के संतुलित विकास पर जोर दिया था। इस शिविर में 12 से 17 वर्ष आयु वर्ग के 100 से अधिक लड़के और 100 लड़कियां भाग लेकर योगानन्दजी की ‘आदर्श जीवन की शिक्षाओं’ का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।

शिविर के भव्य शुभारंभ से पहले, शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. पी.के. खोसला ने वाईएसएस के वरिष्ठ संन्यासियों स्वामी शंकरानन्द गिरि और निर्मलानन्द गिरि से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रो. खोसला ने उन्हें अपनी हाल ही में प्रकाशित पुस्तक की एक प्रति भी भेंट की।

इस विशेष मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. सुनील पुरी, संचालन निदेशक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) एस.डी. मेहता और वाईएसएस युवा सेवा कार्य समूह के सदस्य विहारी कोमारागिरी, अजय मदन व श्रीमती मंजू गुप्ता भी उपस्थित रहे।

शिविर का आधिकारिक उद्घाटन वाईएसएस/एसआरएफ़ के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद गिरि के एक विशेष प्रेरणादायक संदेश के साथ होगा, जो बच्चों को आत्म-अनुशासन, आंतरिक शक्ति और आध्यात्मिक जागरूकता विकसित करने के लिए प्रेरित करेंगे।

शिविर की मुख्य विशेषता रोज सुबह-शाम सामूहिक ध्यान और राजयोग प्रविधियों का अभ्यास होगी, जिससे बच्चों की एकाग्रता बढ़ेगी और वे आंतरिक शांति महसूस कर सकेंगे। वाईएसएस के संन्यासी और अनुभवी शिक्षक बच्चों को निर्भीकता, अंतर्ज्ञान (इन्ट्यूशन), इच्छाशक्ति, मित्रता और करुणा जैसे मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा देंगे।

बच्चों के लिए वन भ्रमण (नेचर वॉक), कला और शिल्प (आर्ट एंड क्राफ्ट), खेलकूद, टीम-निर्माण अभ्यास, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फिल्म स्क्रीनिंग और एक आध्यात्मिक मेले का आयोजन किया जाएगा। शिविर के दौरान बच्चों को पूज्य महावतार बाबाजी की गुफा की एक सुंदर प्रतिकृति की तीर्थयात्रा भी कराई जाएगी।

इस सात दिवसीय शिविर का समापन वाईएसएस के उपाध्यक्ष स्वामी स्मरणानन्द गिरि की गरिमामयी उपस्थिति में होगा, जहां वे सभी युवा प्रतिभागियों को अपना आशीर्वाद देंगे और संबोधित करेंगे।

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