सिरमौर की खेल प्रतिभा का राष्ट्रीय सम्मान: जयपुर में राजमाता पद्मिनी देवी ने विश्वजीत को किया अलंकृत

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By पंकज जयसवाल

नाहन : जिला सिरमौर के सराहां क्षेत्र के होनहार अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग (तलवारबाजी) खिलाड़ी विश्वजीत की खेल उपलब्धियों में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। जयपुर के ऐतिहासिक सिटी पैलेस में आयोजित एक भव्य और शाही समारोह के दौरान उन्हें ‘महाराजा लक्ष्यराज प्रकाश ऑफ सिरमौर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें खेल जगत में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और देश का मान बढ़ाने के लिए दिया गया है।

जयपुर के सिटी पैलेस में आयोजित सवाई जयपुर अवॉर्ड्स के इस गरिमामयी समारोह में जयपुर राजघराने की राजमाता पद्मिनी देवी ने अपने करकमलों से विश्वजीत को यह पुरस्कार प्रदान किया। इस दौरान राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी भी विशेष रूप से उपस्थित थीं। सराहां जैसे शांत पहाड़ी कस्बे से ताल्लुक रखने वाले इस युवा एथलीट की इस उपलब्धि से पूरे हिमाचल प्रदेश और सिरमौर जिले का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।

विश्वजीत का यह मुकाम उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट समर्पण का परिणाम है। इस पुरस्कार की एक और खास विशेषता यह है कि ‘महाराजा लक्ष्यराज प्रकाश ऑफ सिरमौर अवॉर्ड’ सवाई जयपुर अवॉर्ड्स की उन चुनिंदा श्रेणियों में शामिल है, जो सिरमौर और जयपुर के राजघराने की ऐतिहासिक विरासत को आपस में जोड़ती हैं। वर्ष 2012 में फेंसिंग की दुनिया में कदम रखने वाले विश्वजीत ने महज 13 वर्ष की उम्र में अंडर-14 नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी अद्भुत प्रतिभा की झलक दिखा दी थी। अपने लंबे खेल सफर में वे 10 से अधिक राष्ट्रीय पदक के अलावा यूनिवर्सिटी स्तर पर भी कई मेडल अपने नाम कर चुके हैं। उनके करियर का सबसे स्वर्णिम पल सितंबर 2026 में आया, जब उन्होंने थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार सिल्वर मेडल जीता।

सीमित संसाधनों और पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद विश्वजीत ने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। खेल के मैदान के बाहर भी वे बेहद सक्रिय हैं और एक प्रमाणित फेंसिंग कोच, फिटनेस एथलीट, मॉडल व कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे नई पीढ़ी के युवाओं को खेल और फिटनेस के प्रति लगातार प्रेरित कर रहे हैं।

यह पूरा आयोजन सिरमौर रियासत के इतिहास से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। राजमाता पद्मिनी देवी सिरमौर रियासत के अंतिम शासक महाराजा राजेंद्र प्रकाश (जिन्होंने 1933 से 1964 तक शासन किया) की सुपुत्री हैं। वहीं, महाराजा लक्ष्यराज प्रकाश, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के सुपुत्र और राजमाता पद्मिनी देवी के पौत्र हैं। वर्ष 2013 में नाहन के ऐतिहासिक राजमहल में पारंपरिक अनुष्ठानों के बीच उन्हें इस राजपरिवार की परंपरा से जोड़ा गया था। इतिहास के इन मजबूत और गौरवशाली ताने-बाने के बीच सिरमौर के युवा खिलाड़ी को यह सम्मान मिलना इस पूरे आयोजन को और अधिक ऐतिहासिक और भावनात्मक बना देता है।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।