नाहन: हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA) द्वारा घोषित टीजीटी आर्ट्स (TGT Arts) के परीक्षा परिणाम में सिरमौर जिला की दो होनहार बेटियों ने सफलता हासिल की है। जिला के सुरला गांव की श्वेता शर्मा और सेर जगास की एकता चौहान का चयन बतौर टीजीटी शिक्षक हुआ है। ग्रामीण परिवेश से संबंध रखने वाली इन दोनों बेटियों की इस बड़ी उपलब्धि से पूरे जिला में खुशी और गर्व का माहौल है।

श्वेता शर्मा सुरला गांव के निवासी कमलेश शर्मा की सुपुत्री हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा के दौरान कड़ी मेहनत करते हुए इस शिक्षक भर्ती परीक्षा को उत्तीर्ण किया। वहीं एकता चौहान विकास खंड के अंतर्गत आने वाले वी.पी.ओ. सेर जगास के निवासी काकू राम की बेटी हैं। एकता ने भी अपने सीमित संसाधनों के बावजूद अटूट लगन और एकाग्रता के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
दोनों ही बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ विश्वास, कड़ी मेहनत और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों की कठिनाइयों के बीच रहकर भी देश-प्रदेश की सबसे बड़ी और कठिन प्रतियोगिताओं को फतह किया जा सकता है।
श्वेता शर्मा और एकता चौहान की यह सफलता मात्र एक सरकारी नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देवभूमि के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर कोचिंग और पढ़ाई कर रही उन हजारों बेटियों के हौसलों को उड़ान देने वाली है, जो विपरीत परिस्थितियों में अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात संघर्ष कर रही हैं।इन दोनों होनहारों के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दोनों बेटियों व उनके माता-पिता को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक सफलता की बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य व शिक्षक के रूप में राष्ट्र निर्माण की उनकी नई पारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।