नाहन : उपमंडल पांवटा साहिब के तहत आने वाले एक निजी स्कूल (साईं विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल, श्यामपुर) में नवीं कक्षा की छात्रा की पिटाई का मामला गहरा गया है। जहाँ एक तरफ पीड़िता की माँ ने क्लास टीचर पर छात्रा को बेदर्दी से पीटने और कान को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाते हुए पुलिस व बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायत दी है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल की प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए छात्रा की माँ के खिलाफ ही पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की बात कही है।
नाहन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गाँव बंगरन निवासी श्यामा देवी ने रोते हुए अपनी बेटी के साथ हुई घटना का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि उनकी 14 वर्षीय बेटी , एक निजी स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा है। श्यामा देवी का आरोप है कि 8 सितंबर को क्लास टीचर ने बेहद मामूली सी बात पर उनकी बेटी की बेरहमी से पिटाई कर दी और कान पर थप्पड़ जड़े, जिससे उसे कम सुनाई देने लगा है। इसके अलावा, आरोप है कि शिक्षिका ने सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्द कहे और जब वह स्कूल बात करने गईं तो प्रिंसिपल व स्टाफ ने उनके साथ बदतमीजी की तथा टीसी काटकर भविष्य खराब करने की धमकी दी। श्यामा देवी ने पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर स्कूल की प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल)ने आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए अपना पक्ष रखा है। प्रिंसिपल का कहना है कि छात्रा को पीटने या प्रताड़ित करने का आरोप बेबुनियाद है। बच्चे को केवल एडमिशन (दाखिला) प्रक्रिया से जुड़ी सामान्य बात कही गई थी। प्रिंसिपल का आरोप है कि घटना के बाद छात्रा की माँ श्यामा देवी ने स्कूल परिसर में आकर हंगामा किया और शिक्षिका के साथ मारपीट व अभद्रता की। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, महिला द्वारा स्कूल माहौल खराब करने और शिक्षिका पर हमला करने के संबंध में पुलिस में महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई है।
दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप और पुलिस शिकायतों के बाद क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ जहाँ पीड़िता का परिवार निष्पक्ष जांच और बच्चे के मेडिकल परीक्षण की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल प्रशासन का दावा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं। पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।