सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की ग्राम पंचायत नौणी में अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून की मांग को लेकर सामाजिक न्याय यात्रा के अंतर्गत एक व्यापक बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक राज्य गठबंधन – सोलन इकाई (अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि कानून के लिए) द्वारा आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता और मार्गदर्शन वरिष्ठ नेता विनोद कुमार एवं बी.सी. जसवाल ने किया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में दलित शोषण मुक्ति मंच के राजेश कुमार तोमर, सोलन पंचायत समिति के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण, नौणी मझगांव के उप प्रधान जोगिंदर सिंह सहित नीरज कौडल, मदन हिमाचली, अनीता पंडियार, नरेश भाटिया, रूपचंद, सुरेंद्र कुमार, आशा देवी, गुलाब सिंह, डॉ. कर्मवीर सिंह और श्याम लाल जैसे अनेक गणमान्य लोग व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से पुरजोर मांग की गई कि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी वोट के साथ किए गए चुनावी वादे के अनुरूप हिमाचल प्रदेश में “अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून” बनाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी से भी यह आग्रह किया गया कि वे अन्य कांग्रेस शासित राज्यों (जैसे कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड आदि) में भी इस कानून को लागू करने के लिए आवश्यक पहल करें, जैसा कि कुछ राज्यों में यह पहले ही लागू किया जा चुका है।
आंदोलन को गति देने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए बैठक में पांच सूत्रीय भविष्य की रणनीति तैयार की गई है।
सोलन जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विशेष विधानसभा कमेटियों का गठन किया जाएगा, जो इस मांग को प्रमुखता से उठाएँगी। पंचायती राज संस्थानों (PRI) और शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का एक विशाल समवेत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जमीनी स्तर पर काम करने के लिए प्रत्येक पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर कमेटियों का गठन कर कानून की आवश्यकता के प्रति क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस मुहीम को जन-आंदोलन बनाने के लिए गांव-गांव जाकर व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और आम जनता की लिखित सहमति प्राप्त की जाएगी। अंत में, स्थानीय विधायकों और सामाजिक न्याय मंत्री के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत व समुचित मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा जाएगा।