सोलन: जिला पुलिस द्वारा गठित पी.ओ. सैल की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पिछले कई महीनों से चकमा दे रहे एक शातिर भगोड़े अपराधी को पंजाब के खरड़ से दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुखजिंदर सिंह (47 वर्ष) पुत्र श्री हरिचरण, निवासी गांव कोटला भड़ी, डाकखाना समराला, तहसील व जिला लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ अब अर्की थाने में अदालत के आदेशों की अवहेलना करने पर एक और नया मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी सुखजिंदर सिंह के खिलाफ वर्ष 2018 में धोखाधड़ी और जालसाजी का एक गंभीर मामला सामने आया था। आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना अर्की में वर्ष 2018 में धारा 471 और 468 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी ने HDFC ERGO General Insurance कंपनी के नाम पर एक फर्जी और जाली इंश्योरेंस पॉलिसी तैयार की थी। इस जाली दस्तावेज को उसने एमएसीटी कोर्ट सोलन में असली के रूप में पेश किया था, ताकि वह इंश्योरेंस कंपनी से धोखे से मोटा मुआवजा ऐंठ सके। अर्की पुलिस ने उस समय मामले की गहन तफ्तीश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ पुख्ता आरोपपत्र तैयार कर माननीय अदालत में पेश किया था।
अदालत में मामले का ट्रायल शुरू होने के बाद माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी सुखजिंदर सिंह को बार-बार पेश होने के आदेश और समन जारी किए गए। कानून के शिकंजे से बचने के लिए आरोपी लगातार कोर्ट की तारीखों से गायब रहा। आरोपी के बार-बार गैर-हाजिर रहने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए माननीय न्यायालय ने 26 जनवरी 2026 को उसे आधिकारिक तौर पर भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था।
भगोड़ा घोषित होने के बाद अर्की पुलिस और पी.ओ. सैल की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार पंजाब और हिमाचल में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन शातिर आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपने छिपने के ठिकाने बदल रहा था।
बीते कल पुलिस टीम को आरोपी के पंजाब के खरड़ में छिपे होने की पुख्ता गुप्त सूचना मिली। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए जाल बिछाया और आरोपी सुखजिंदर सिंह को धर दबोचा। भगोड़े आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अदालती आदेशों की अवहेलना और फरार रहने के जुर्म में पुलिस थाना अर्की में एक और नया मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 209 और 269 के तहत पंजीकृत किया गया है।
पुलिस द्वारा आरोपी सुखजिंदर सिंह को आज माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है, ताकि आगामी न्यायिक हिरासत या रिमांड हासिल किया जा सके। मामले में पुलिस की आगामी छानबीन लगातार जारी है।