सोलन: राजकीय महाविद्यालय सोलन के सभागार में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के तहत कला संकाय में प्रवेश लेने वाले प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए एक विशेष इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए विद्यार्थियों को कॉलेज की शैक्षणिक प्रणाली, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के नए ढांचे, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, अनुशासित नियमों और छात्र कल्याणकारी योजनाओं से भली-भांति परिचित करवाना था।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा कोहली ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कॉलेज परिसर में कदम रखने वाले सभी नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लागू होने से विद्यार्थियों के पास अपनी पसंद के विषय चुनने और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने के कई बेहतर व लचीले अवसर उपलब्ध हुए हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर जीवन में सफलता हासिल करें।
इंडक्शन सत्र के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों और प्राध्यापकों ने नए छात्रों को कॉलेज जीवन के प्रमुख पहलुओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया। डॉ. दीपक गुप्ता ने विद्यार्थियों को एनईपी के तहत विषय चयन, क्रेडिट सिस्टम, परीक्षा पैटर्न और पूरे शैक्षणिक ढांचे की तकनीकी जानकारी दी। डॉ. रीना चौहान ने कॉलेज में संचालित एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS), रोवर्स एंड रेंजर, विभिन्न सोसायटियों, खेलकूद और सांस्कृतिक मंचों की जानकारी देते हुए छात्रों को इनमें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ. दीपिका शर्मा ने छात्रों को विशाखा दिशानिर्देशों से अवगत कराया। वहीं, डॉ. आरती नेगी ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के बारे में विस्तार से बताते हुए परिसर में लैंगिक संवेदनशीलता और आपसी सम्मान का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में सोलन महाविद्यालय की उप-प्राचार्या डॉ. निवेदिता पाठक ने उपस्थित सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने इंडक्शन कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नए छात्रों के मन से झिझक मिटाते हैं, उन्हें कॉलेज के माहौल में ढलने में मदद करते हैं और उनके समग्र व्यक्तित्व विकास की मजबूत नींव रखते हैं।