सोलन में सोनम वांगचुक के समर्थन में पूर्व IAS सहित कई प्रबुद्ध हस्तियां बैठीं भूख हड़ताल पर

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By Hills Post

सोलन: देश की वर्तमान परीक्षा प्रणाली में लगातार लग रहे पेपर लीक के दाग और इसके कारण करोड़ों होनहार युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ आज सोलन शहर में व्यापक जन-आक्रोश देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से ऐतिहासिक अनशन पर बैठे सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद व वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के आंदोलन को अपना खुला समर्थन देते हुए आज सोलन के द मॉल स्थित चिल्ड्रन पार्क में सैकड़ों युवाओं, महिलाओं, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों और बुद्धिजीवियों ने एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल और विशाल धरना प्रदर्शन किया।

यह पूरा आयोजन जागरूक युवा संगठन और ‘जागरूक नागरिक मंच’ सहित क्षेत्र के तमाम सामाजिक व जन संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में बेहद अनुशासित व लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ। इस गंभीर व्यवस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज का प्रबुद्ध वर्ग खुद मोर्चे पर उतरा। दिनभर चली इस भूख हड़ताल में मुख्य रूप से
शरभ नेगी (सेवानिवृत्त IAS अधिकारी), मनोज वर्मा (वरिष्ठ अधिवक्ता), विकास ठाकुर, नीतीश ठाकुर, अनिल ठाकुर, किरण किशोर, विजय भट्टी, धर्मपाल ठाकुर सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपवास पर बैठे।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (IAS) शरभ नेगी और गुजरात विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर सीपी भसीन ने केंद्र सरकार और परीक्षा नियामक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को कड़े कठघरे में खड़ा किया। वक्ताओं ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि देश के करोड़ों मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य इस समय पूरी तरह से अंधकार में धकेल दिया गया है। बार-बार परीक्षाओं का रद्द होना, लीक होना और स्थगित होना अब युवाओं के लिए एक भयानक ‘मानसिक महामारी’ का रूप ले चुका है। इसे रोकने के लिए परीक्षा तंत्र में आमूलचूल परिवर्तन करना अब अनिवार्य हो गया है।

चिल्ड्रन पार्क में आयोजित इस धरने के दौरान सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से एक विशेष मांग पत्र (प्रस्ताव) पारित किया, जिसमें मुख्य रूप से केंद्र सरकार बिना किसी देरी के जंतर-मंतर पर बैठे आंदोलनकारियों और सोनम वांगचुक की जायज मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाए और देश के परीक्षा तंत्र को पूरी तरह दोषमुक्त व पारदर्शी बनाए।

पेपर लीक माफिया, बैकडोर एंट्री करवाने वाले भ्रष्ट अधिकारियों और इस पूरे अंतरराष्ट्रीय रैकेट में शामिल सभी सफेदपोश दोषियों को तुरंत चिन्हित किया जाए। उनके खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से ऐसी सख्त व दंडात्मक कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए एक मिसाल (नजीर) बने। राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और पूर्ण पारदर्शिता को हर हाल में बहाल किया जाए।

आज की इस महत्वपूर्ण बैठक में आंदोलनकारियों द्वारा एक बहुत बड़ी रणनीति का भी ऐलान किया गया। देशव्यापी छात्र और युवा असंतोष के समर्थन में आगामी 20 जुलाई, 2026 को सुबह 11:00 बजे सोलन शहर में विभिन्न छात्र, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा एक विशाल और व्यापक ‘महा-प्रदर्शन’ करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की कमान संभाल रहे युवाओं ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि देश के भविष्य की है, और न्याय न मिलने तक इसे उग्र रूप से आगे भी जारी रखा जाएगा।

इस राष्ट्रव्यापी और संवेदनशील सरोकार के मुद्दे पर सोलन में तमाम राजनीतिक, वैचारिक और सामाजिक सीमाएं पूरी तरह से ध्वस्त नजर आईं। युवाओं को न्याय दिलाने के लिए आम आदमी पार्टी के राज्य अध्यक्ष सुरजीत ठाकुर, सोलन नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत, प्रसिद्ध समाजसेवी संजय शर्मा ‘हिंदवान’, जिला बार एसोसिएशन के महासचिव नितिन ठाकुर, जिला सोलन सीटू (CITU) के अध्यक्ष राकेश कुमार, ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष धर्मपाल ठाकुर, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष दलीप और बीडीसी उपाध्यक्ष गोपाल सहित भारी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध लोग और विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि एक ही जाजम पर बैठे दिखाई दिए। सभी प्रदर्शनकारियों ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि जब तक देश की परीक्षा प्रणाली को माफिया मुक्त नहीं कर दिया जाता, तब तक यह शांतिपूर्ण और संवैधानिक संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

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